पहली बार 6 दिनों तक बंद रहेगा तिरुपति बालाजी मंदिर, ये है बड़ी वजह!

आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर 6 दिनों तक पूर्ण रुप से बंद करने का फैसला लिया गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड मंदिर को 11 अगस्त से 16 अगस्त तक मंदिर बंद रखेगा। इतिहास में ऐसा पहली बार है जब भगवान वेंकटेश्वर के इस मंदिर को लगातार 6 दिन के लिए बंद किया जा रहा है। मंदिर को 17 अगस्त की सुबह 6 बजे के बाद खोल दिया जाएगा। मंदिर प्रशासन (टीटीडी) ने यह फैसला रविवार को हुई एक विशेष बैठक में लिया है।

इसलिए मंदिर को किया जा रहा बंद

टीटीडी बोर्ड के चेयरमैन पुट्टा सुधाकर यादव ने बताया कि मंदिर को बंद रखने के दौरान यहां एक विशिष्ट अनुष्ठान किया जाएगा। इस प्राचीन मंदिर के गर्भ गृह के ढांचे में मामूली बदलाव के लिए ‘अष्टबंधना बालल्या महासमप्रोक्षणम्’ धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। बोर्ड ने इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं देने का फैसला किया है। भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर परिसर में हर 12 साल में एक विशेष पूजा–अर्चना होती है।

पहले कभी नहीं हुआ ऐसा

आपको बता दें कि इतिहास में यह पहला मौका होगा जब 6 दिनों तक मंदिर बंद रहेगा है। मंदिर प्रशासन भले ही हर 12 साल में अनुष्ठान की बात कर रहा हो, लेकिन अगर पिछले इतिहास को देखें तो कुछ घंटों के लिए ही मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश वर्जित कर दिया जाता था। हालांकि बोर्ड का कहना है कि पहले ऐसा इसलिए हो पाता था क्योंकि उन दिनों मंदिर में इस कदर भक्तों की भीड़ नहीं हुआ करती थी। लेकिन वर्तमान में करीब 1 लाख लोग प्रतिदिन दर्शन करते हैं।

बोर्ड बोला- तीर्थयात्रियों को असुविधा ना हो इसलिए लिए फैसला

मंदिर प्रबंधन समिति ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत अनकुरारपनम कार्यक्रम के साथ 11 अगस्त से होगी। उन्होंने कहा, “इस अनुष्ठान को वैदिक महत्व हासिल है, इसलिए श्रद्धालुओं को मंदिर देखने का वक्त बहुत कम मिलेगा, हमारा पुराना इतिहास बताता है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में लगभग साढ़े पांच लाख लोगों ने मंदिर के दर्शन किये, इसे ध्यान में रखते हुए हमने दर्शन को बंद करने का फैसला किया है ताकि श्रद्धालुओं और दर्शन करनेवालों को दिक्कत नहीं हो।” मंदिर प्रशासन ने दुनिया भर में मौजूद भगवान वेंकटेश्वर के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने यात्रा की तैयारी इसी तरह करें।

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