सेना में शामिल होगा ये खतरनाक हेलीकॉप्टर, भारत की ताकत हो जाएगी दोगुनी

सेना में एक ऐसा हेलीकॉप्टर शामिल होने जा रहा है जो तेज तूफान और बर्फबारी में भी आसानी से उड़ सकता है। ये एक ऐसा हेलीकॉप्टर है जिसे बगैर पायलट चलाया जाएगा। सेना के जवानों की मदद करने के लिए, दूर-दराज इलाके में सामान पहुंचाने के लिए, उनकी निगरानी रखने के लिए इस हेलीकॉप्टर का निर्माण किया गया है। इसकी खासियत ने हर किसी को चौंका दिया है।

इस हेलीकॉप्टर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि कभी भी विपरीत परिस्थिति आने पर ये आसानी से उल्टा उड़ाया जा सकता है, और तो और उल्टा उड़ने पर ये हेलीकॉप्टर क्रैश भी नहीं होगा। फिलहाल जिस हेलीकॉप्टर का ट्रायल हुआ है वह 14 किलोग्राम है जो 2.5 किलोग्राम वजन उठा ले सकता है। अब पहले चरण में 200 किलोग्राम का हेलीकॉप्टर तैयार किया जाएगा जो कम से कम 50 किलोग्राम का वजन ले जा सकेगा। इसमें सफलता मिलने के बाद 5 टन का हेलीकॉप्टर बनाया जाएगा, जो कम से कम एक हजार किलोग्राम का वजन आसानी से उठा ले जा सकेगा। इसके अलावा इसमें 4 से 6 लोग भी बैठ सकेंगे।

यह दुनिया का पहला ऐसा हेलीकॉप्टर है जो 360 डिग्री तक घूमते हुए भी उड़ सकेगा। अभी तक ऐसा हेलीकॉप्टर दुनिया भर में कहीं नहीं बनाया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मुसीबत के समय बचाने में भी इस हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया जा सकता है। मेडिकल सामग्री को दुर्गम जगहों पर पहुंचाने के लिए। बॉर्डर पर कैमरे और लाइट के जरिए निगरानी रखने के लिए। युद्घ के दौरान बगैर पायलट के हमला करने के काम आएगा। अभी तक विपरीत परिस्थितियों में जो हेलीकॉप्टर उड़ाए जाते हैं उनके क्रैश होने की आशंकाएं भी ज्यादा होती हैं। जबकि इसके क्रैश होने की आशंका 90 प्रतिशत कम है।

इस हेलीकॉप्टर को तैयार करने के लिए जियोमेट्रिक कंट्रोल तकनीक का प्रयोग किया है। इसमें ऐसे फीचर दिए गए हैं जिसे तेज बारिश, हवा, तूफान, बर्फबारी जैसी परिस्थिति में इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इस तकनीक को अब साधारण हेलीकॉप्टर में भी प्रयोग करने की कोशिश की जा रही है।

इस हेलीकॉप्टर को कानपुर और IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों ने मिलकर बनाया है। ये देश का पहला ऐसा हेलीकॉप्टर होगा जो बिना पायलट के चलाया जाएगा। देश के पहले नान-लिनियर ऑटो पायलट हेलीकॉप्टर को सेना के तीनों विंग में शामिल किया जाएगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बंगलुरू ने हेलीकॉप्टर का शुक्रवार को ट्रायल किया गया है। इस तकनीक के हेलीकॉप्टर को देश में पहली बार आईआईटी कानपुर के प्रो. मंगल कोठारी, प्रो. अभिषेक रॉय, आईआईटी बांबे के प्रो. रवि बनावर और आईआईटी कानपुर के पीएचडी स्कॉलर निधिश सिराज ने मिलकर तैयार किया है।

Facebook Comments