यहां 90 की उम्र में 30 सी लगती हैं महिलाएं, बुढापे में करती हैं बच्चे पैदा

क्या आपने कभी ऐसे लोगों के बारे में सुना है, जो बीमार नहीं पड़ते। सुनकर हैरानी हो रही होगी, शायद आप इस बात पर यकीन भी नहीं कर रहे होंगे, लेकिन ये बिल्कुल सच है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं हुंजा लोगों के बारे में। नार्थ पाकिस्तान के काराकोरम माउंटेन्स पर रहने वाले हुन्जकूटस या हुंजा लोग बुरूषो समुदाय के लोग हैं जो हुंजा वैली में रहते हैं। ये लोग कभी बीमार नहीं पड़ते। हुंजा लोगों की गिनती चाहे कम है, लेकिन इन्हें दुनिया के सबसे लम्बी उम्र वाले, खुश रहने वाले और स्वस्थ लोगों में गिना जाता है।

हुंजा लोगों को दुनिया के कैंसर फ्री पापुलेशन में गिना जाता है क्योंकि आजतक एक भी हुंजा कैंसर का शिकार नहीं हुआ है। इन लोगों ने कभी कैंसर का नाम भी नहीं सुना है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हुंजा महिलाएं 65 की उम्र में भी बच्चे पैदा कर सकती है।

इस कम्युनिटी के लोगों को बुरुशो भी कहते हैं। इनकी भाषा बुरुशास्की है। कहा जाता है कि ये कम्युनिटी अलेक्जेंटडर द ग्रेट की सेना के वंशज हैं, जो चौथी सदी में यहां आए थे। ये कम्युनिटी पूरी तरह मुस्लिम है।
इनकी सारी एक्टिविटीज मुस्लमानों जैसी ही हैं। ये कम्युनिटी पाकिस्तान की बाकी कम्युनिटीयों से कहीं ज्यादा एजुकेटेड है। हुंजा घाटी में इनकी पॉपुलेशन करीब 87 हजार ही है।

हुंजा अपनी लम्बी उम्र का क्रेडिट अपने डाइट को देते हैं। इनके डाइट चार्ट मेंव सिर्फ पौष्टिक आहार शामिल होते हैं। रिसर्चर्स ने अपनी रिपोर्ट में ये कहा है कि हुंजा लोग खाने में ज्यादा से ज्यादा अखरोट का इस्तेमाल करते हैं। धूप में सुखाए गए अखरोट में B-17 कंपाउंड पाया जाता है, जो लोगों के शरीर के अंदर मौजूद एंटी-कैंसर एजेंट को खत्म करता है। चूंकि, हुंजा काफी ज्यादा अखरोट का सेवन करते हैं, इसलिए उन्हें कैंसर नहीं होता।

डेली खाने में लेते हैं ये
और लोगों के मुकाबले हुंजा लोगों की डाइट काफी ज्यादा होती है। इसमें कच्ची सब्जियां, फल , अनाज, बारले, मेवे के अलावा दूध, अंडा और चीज भी शामिल हैं।
कैसी होती है इनकी लाइफस्टाइल
हुंजा लोग साल के 2 से 3 महीने खाना नहीं खाते हैं। इस दौरान वो सिर्फ जूस लेते हैं। थोड़ा सा खाने के बाद ये लोग वॉक पर निकल जाते हैं। इनकी औसत उम्र 120 साल है, जिसमें ये 70 साल तक जवान दिखते हैं।
एक किस्से ने किया हुंजा को मशहूर
बात 1984 की है। हुंजा कम्युनिटी के अब्दुल म्बुंदु जब लंदन एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी चेक करवाने पहुंचे, तो ऑफिसर्स उनका बर्थ इयर 1832 देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कई बार उनकी उम्र क्रॉसचेक की। इसके बाद से ही हुंजा लोगों का किस्सा मशहूर हो गया।

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