मंहगा पड़ सकता है गुरुवार को एेसे काम करना, भूलकर भी ऐसा ना करें

हिंदू धर्म में गुरुवार यानि भगवान बृहस्पति देव और जगत के पालन हार श्री हरि विष्णु जी को समर्पित है। इनकी कृपा से धन-समृद्धि, पुत्र और शिक्षा की प्राप्ति होती है। पीला रंग और पीली वस्तुएं इनको बहुत प्रिय हैं। इनकी पूजा केले के वृक्ष के रुप में की जाती है। बृहस्पतिवार के दिन इनका उपवास रखने अौर पीले वस्त्र पहनकर, केले के वृक्ष को पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करके पूजन करना चाहिए। किंतु जो लोग एेसा नहीं कर सकते वह अगर कुछ विशेष नियमों का पालन करें तो भगवान की कृपा को प्राप्त कर सकते हैं।

बृहस्पतिवार को खास करके स्त्रियों को बाल नहीं धोने चाहिए और न ही काटने चाहिए। माना जाता है कि कुंडली में बृहस्पति पति और सौभाग्य का कारक होता है और साथ ही संतान का भी कारक होता है। सिर धोने से संतान और वैवाहिक जीवन पर असर पड़ता है। इसलिए यह कार्य इस दिन नहीं करना चाहिए।

गुरुवार के दिन किसी को भी नाखून नहीं काटने चाहिए और साथ ही पुरुषों को इस दिन दाढ़ी भी नहीं बनानी चाहिए। ज्योतिष के अनुसार गुरु को जीव ग्रह कहा गया है। जीव का अर्थ यानि जीवन और लंबी आयु से है। यदि कोई इस कार्य को बृहस्पतिवार के दिन करता है तो उसका गुरु ग्रह कमजोर हो जाता है। जिससे उस इंसान की आयु कम होती है।

इस दिन घर पर कपड़े भी नहीं धोने चाहिए। एेसा करने से बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी आती है, जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में बहुत सी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।

अगर कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत हो तो जीवन में सफलता और उन्नति के रास्ते आसानी से खुल जाते हैं। लेकिन यहीं ग्रह अगर कमजोर हो तो परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो इस दिन नहाते समय साबुन का उपयोग भी नहीं करना चाहिए।

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन एक-साथ में किया जाए तो दोगुना फल प्राप्त होता है। अगर पति-पत्नी साथ में पूजा करें तो उनके शादीशुदा जीवन में भी खुशहाली आती हैं।

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