What : दूसरे मर्द से हमबिस्तर मिले बीवी तो ‘तीन तला़क’ की एकमात्र उपाय?

तीन तला़क और हलाला प्रथा को लेकर देश में इन दिनों चर्चा जोरों पर है। केन्द्र सरकार ने विपक्ष से इस बिल पर समर्थन मांगा है। जबकि कांग्रेस ने इस पर सशर्त समर्थन का ऐलान किया है। कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को गुजारा भत्ता भी दिया जाना चाहिए।
इसी बीच नेता बयानबाजी में लगे हैं। ऐसे ही समाजवादी पार्टी के एक नेता हैं रियाज अहमद। रियाज अहमद ने तीन तला़क दिए जाने का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर पति पत्नी को आपत्तिजनक हालत में देख लेता है तो ऐसे में उस मर्द के पास क्या रास्ता बचेगा?, वह या तो पत्नी की हत्या कर देगा या फिर उसे तीन तला़क देकर उसे छोड़ देगा। हत्या न हो इसलिए तीन तला़क दिया जा सकता है।
रियाज अहमद शायद यह भूल गए हैं या उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है कि इस्लाम तीन तला़क को बढ़ावा नहीं देता। शरियत में तला़क का एक तरीका है (तीन तला़क नहीं), जिसे अपनाकर तला़क दिया जा सकता है। हालांकि तला़क को हलाल यानि जायज़ कामों में सबसे बदतरीन बताया गया है।
तीन तला़क पर सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल कितना सही है और कितना गलत, यह अलग मुद्दा है। लेकिन इस तरह नेताओं द्वारा तीन तला़क देने के लिए सलाह देना गलत है।
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