खूबसूरती की मिसाल बनारस का बृजरामा पैलेस, 100 से ज्यादा मजदूरों ने किया था तैयार, जानिए खासियत

 बनारस की अपनी अलग पहचान है। कहते हैं यहां का इतिहास व परंपराएं कई दशकों पुराने हैं। इधर आने वाले यहां की संस्कृति के मूरीद हो जाते हैं, खासकर विदेशी नागरिकों के लिए ये जगह पूरे भारत से ज्यादा खूबसूरत है।

ज्यादातर लोग बनारस जाकर अस्सी घाट का दीदार करके लौट आते हैं, लेकिन आपको बनारस की खूबी देखनी है तो बृजरामा पैलेस की खूबसूरती आपके आंखों में चुभ जाएगी।

बृजराम पैलेस वाराणसी के हलचल शहर में सबसे पुराने स्थलों में से एक है। दरबंगा घाट पर स्थित बृजरामा प्लेस आपके सपनों का होटल हो सकता है।यहां से गंगा नदी का नजारा बेहद अद्भुत दिखता है। होटल के अंदर का सौंदर्यपूर्ण रूप काफी सुखदायक है। इधर का मनोरंजक भोजन आपको यहां रुकने पर मजबूर कर देगा।

कपल्स और परिवार दोनों के लिए ये जगह काफी लग्जरी है। बृजरामा प्लैस पूरे बनारस को एक बार में देखने के लिए बेहतर जगह है। इस प्लैस का इतिहास काफी पुराना है। 1812 में घाट किनारे नागपुर के राजा मुंशी श्रीधर ने एक आलीशान महल बनवाया था।

इसके निर्माण में चुनार के बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया था। लगभग 108 साल बाद महल को दरभंगा के नरेश कमेश्वर नाथ ने खरीद लिया और उसका नाम ‘दरभंगा पैलेस’ रख दिया। 35 साल पहले बृज लाल दास नाम के शख्स ने ‘दरभंगा पैलेस’ को खरीद लिया। जिसके बाद यह महल ‘बृज रमा पैलेस’ होटल नाम से जाना जाता है।

इसके महाराजा स्वीट के एक दिन का किराया 35 हजार रुपए से ऊपर है। इस पैलेस के जर्जर हिस्सों को ठीक करने और उसे ओल्ड लुक देने में 12 साल लग गए थे। दिल्ली, जयपुर, साउथ, कोलकाता और बिहार के दर्जनों इंजीनियरों व मजदूरों ने काम कर उस दौर में किए गए नक्कासियों में जान डाल दी।

घाट गंगा किनारे होने से प्लैस में नॉनवेज और शराब परोसना मना है। हालांकि नाश्ते में अंडे उपलब्ध होते हैं। ज्यादातर खाने बनारस के ट्रेडिशन के हिसाब से तैयार होते हैं। इसमे बनारसी थाली सबसे पहले नंबर पर आती है। उसके बाद चाइनीज, इटेलियन, मैक्सिकन, थाई के डिश परोसते हैं।

यहां आकर आप आरती का आनंद ले सकते हैं। इसके लिए होटल की तरफ से बोट की सुविधा उपलब्ध होती है।

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