21 दिनों के अंदर गिर जाएगी मोदी सरकार? विपक्ष ने बनाई है ये रणनीति

सद का मानसून सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। मोदी सरकार के लिए इस सत्र में कई ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक हैं जिन्हें पास कराने की चुनौती है। इसमें ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे विधेयक भी हैं। सबसे अहम अविश्वास प्रस्ताव है, जिसपर मोदी सरकार को मुकाबला करना है। टीडीपी समेत तमाम विपक्षी दल इस बार अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर चुके हैं। बैठक में इसपर सहमति भी बनी है। हालांकि अब देखना होगा की मोदी सरकार की रणनीति क्या होती है?

21 दिनों के अंदर गिर जाएगी मोदी सरकार? विपक्ष ने बनाई है ये रणनीति

सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। 21 दिनों के इस सत्र में सरकार का इरादा 18 विधेयक पेश करने का है। इन विधेयकों में गैर-कानूनी डिपॉजिट स्कीमों पर लगाम लगाने से लेकर एमएसएमई क्षेत्र के लिए टर्नओवर के लिहाज से परिभाषा में बदलाव करने वाले विधेयक शामिल हैं। केंद्र ने ट्रिपल तलाक हलाला जैसे मुद्दों पर विपक्ष से सहयोग की अपील की है लेकिन यह इतना आसान नहीं है।

केंद्र में सरकार संभालने के बाद एनडीए सरकार ने लंबित बिलों में से 12 बिल बहुमत वाले सदन लोकसभा में पारित करा लिये हैं, लेकिन राज्यसभा में अबतक ये अटके ही हुए हैं। अगामी चुनावों के देखते हुए संसद का मॉनसून सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार है। पिछले दिनों पूरा बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था, साथ ही कामकाज के लिहाज से 16वीं लोकसभा का रिकॉर्ड काफी खराब ही रहा है।

उधर कांग्रेस ने मानसून सत्र में सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात भी कही है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हुईं सभी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमत हुई हैं। मोदी सरकार ने राहुल गांधी से महिला आरक्षण बिल के साथ ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर संसद में समर्थन मांगा है।

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