Top Stories : यात्री ध्यान दें, दिल्ली से चलकर दीनदयाल जंक्शन होकर आने वाली पूर्वा एक्स पटना जंक्शन आ रही है

‘दिल्ली से चलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन होकर आने वाली पूर्वा एक्सप्रेस पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आ रही है’…जी हां पटना जंक्शन पर इस तरह का अनाउंसमेंट सुनकर आप चौकिएंगा मत। आज से मुगलसराय जंक्शन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया है।


पूर्व मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है मुगलसराय रेलवे जंक्शन। एशिया का ये सबसे बड़ा रेलवे यार्ड हैं। इतिहास पर नजर डालें तो सन 1862 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा दिल्ली से हावड़ा रूट बनाए जाते समय मुगलसराय रेलवे स्टेशन वजूद में आया था। यानी यह 156 साल पुराना है, इसे पूरे पूर्वी भारत का रेलवे का द्वार माना जाता था।


जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय की रहस्यमयी मौत 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय जंक्शन पर हुई थी और मुगलसराय जंक्शन के यार्ड के खंभा नंबर 1276 के पास उनका शव मिला था, जिसके बाद से मुगलसराय जंक्शन संघ और बीजेपी के समर्थकों के लिए एक तीर्थ जैसा बन गया था और लंबे समय से इसकी मांग चल रही थी कि मुगलसराय जंक्शन का नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा जाए।
आज स्टेशन के नाम बदलने का औपचारिक एलान हो चुका है। वर्तमान में मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नये बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन स्टेशन नाम का एलान किया।

गौरतलब है कि सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ही मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने का सुझाव केंद्र सरकार के पास भेजा था, जिसे बाद में केंद्र ने स्वीकार कर लिया। गृह विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने नाम बदलने की अनुमति दी है। बीते 3 जुलाई को आदेश आने के बाद प्लेटफार्म से मुगलसराय का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन करना शुरू कर दिया गया था। इस जंक्शन पर रोजाना लगभग 200 से अधिक सवारी गाड़ियों का आवागमन होता है।

मुगलसराय डीआरएम पंकज कुमार ने बताया कि रेलवे द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने तक सिस्टम और सॉफ्टवेयर में दीनदयाल नगर स्टेशन के बजाए अभी मुगलसराय का शॉर्ट फॉर्म यानी एमजीएस को तलाशने पर ही डिटेल उपलब्ध हो पाएंगे। यहां के लिए टिकट लेते समय या इसकी बुकिंग करवाते समय अब भविष्य में मुगलसराय के कोड MGS की जगह DDU का प्रयोग करना होगा।

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