कड़ी मशक्कत से सुरक्षित बची जिंदगी, देखिए फोटो, देखते-देखते 45 लोगों से लदी बस नाले में बही

लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी नालों और राप्ती नदी में आई बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर आई एक तस्वीर से लोगों में बारिश को लेकर खौफ बैठ गया है। सवारियों से भरी बस बाढ़ के पानी में बह गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह 45 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।

राप्ती नदी भी लाल निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरना शुरु हो गया है। डीएम ने प्रभावी क्षेत्रों का दौरा कर राहत व बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। बलरामपुर के ललिया थाना क्षेत्र में भिनगा से मथुरा बाजार आ रही यात्रियों से भरी प्राइवेट बस शिवानगर धनघटा गांव के पास सड़क पर बह रहे धोबहा पहाड़ी नाले के बाढ़ के साथ पानी में बह गई। बस में 30 पुरुष, 10 महिलाएं और 5 बच्चे सवार थे।

 

बस सड़क से उतर कर गड्ढे में गिर गई। बस को बहता देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच यात्री बस से नीचे पानी में उतरने लगे। कई बच्चे पानी में डूबने लगे। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया। राप्ती नदी सोमवार को लाल निशान से ऊपर पहुंच गई है। नदी का जल स्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर 104.730 मीटर पर पहुंच गया है।

राप्ती में बाढ़ के चलते चौकाकला, चौकाखुर्द, टेंगनहिया मानकोट, जबदहा, जबदही, डबकी, हाफिजपुरवा, कटरा शंकरनगर, बेलहा, रामनगर, नरायनपुर मझारी, मथुरा विलासपुर, महरी, लालाजोत, बाघाजोत, बभनपुरवा, लखमा, पथौथा, चंदापुर व टेडौठी आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे है। खतरे का निशान पार करने के बाद नदी का पानी तटवर्ती गांवों की तरफ फैलने लगा है। तीनों तहसीलों के करीब 150 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते है। बाढ़ के चलते गौरा-तुलसीपुर रोड पर दतरंगवा डिप तथा भुसैलवा डिप पर पानी का तेज बहाव है। इस मार्ग पर आवागमन बाधित है।

 

कोड़री ललिया मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बहने से आवागमन ठप है। ललिया-बलदेवनगर मार्ग पर मुसहवा डिप भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। भांभर पहाड़ी नाले की बाढ़ के चलते सुस्ता, अल्लानगर, मदरहवा, कंहईडीह, अहिरनडीह, गोडियनडीह, चाईडीह, बेनीनगर, बगनहवा तथा त्रिलोकपुर गांव बाढ़ के पानी से घिर गए है।

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