दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल आज से, मरीजों को होगी परेशानी

केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की लंबित पड़ी विस्तार परियोजनाओं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय गंभीरता से नहीं ले रहा है। यही कारण है कि यहां के सुचेता कृपलानी अस्पताल के भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर व मेडिकल के छात्र शांत बैठने के मूड में नहीं हैं। कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन व छात्र यूनियन ने मामले की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय में की है। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा भी की है। इस दौरान लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज के दोनों अस्पतालों (सुचेता कृपलानी और कलावती शरण) में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विवेक चौकसे ने कहा कि लंबे समय से कॉलेज की विस्तार परियोजना को पूरा करने की मांग की जा रही है। इस बाबत पहले भी मंत्रलय को पत्र लिखा गया था। दोनों अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर व छात्र तब तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती। रेजिडेंट डॉक्टर सिर्फ इमरजेंसी में अपनी सेवाएं देंगे, ओपीडी में नहीं। हालांकि ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टर (फैकल्टी) मौजूद रहेंगे।

बताया जा रहा है कि इस हड़ताल से पहले से तय सर्जरी भी टल सकती हैं। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन व छात्र यूनियन ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में कहा है कि लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज सौ साल पुराना है। इस कॉलेज के सुचेता कृपलानी अस्पताल के भवन को केंद्रीय लोग निर्माण विभाग ने जर्जर व असुरक्षित घोषित कर दिया है। इसलिए इस अस्पताल में मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है। पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2012 में मेडिकल कॉलेज की विस्तार परियोजना पर काम शुरू हुआ था। वर्ष 2014 में पांच ब्लॉक बनकर तैयार होने थे, लेकिन पांच ब्लॉक का बाहरी ढांचा खड़े होने के बाद परियोजना ठप पड़ गई। डॉ. विवेक चौकसे ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार अब इस परियोजना पर जल्द काम शुरू कराएगी।

खतरे में है मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा 

बताया जा रहा है कि इस हड़ताल से पहले से तय सर्जरी भी टल सकती हैं। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन व छात्र यूनियन ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में कहा है कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज सौ साल पुराना है। इस कॉलेज के सुचेता कृपलानी अस्पताल के भवन को केंद्रीय लोग निर्माण विभाग ने जर्जर व असुरक्षित घोषित कर दिया है। इसलिए इस अस्पताल में मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है।

हड़ताल न करें रेजिडेंट डॉक्टरः केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के विस्तार व पुनर्विकास की परियोजना पर जल्दी काम शुरू होगा। असल में पहले जिस कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी, वह बीच में काम छोड़कर चली गई। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। रेजिडेंट डॉक्टरों को हड़ताल करने की जरूरत नहीं है। समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा।

भाजपा शासित नगर निगम के अधिकारियों पर भाजपा के नेता ने ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने उत्तरी निगम के भवन विभाग के अधिकारियों पर असुरक्षित भवनों के सर्वे में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल व उत्तरी निगम के महापौर आदेश गुप्ता को पत्र भी लिखा है। उन्होंने खासतौर पर पुरानी दिल्ली में जर्जर मकानों का अविलंब निष्पक्ष सर्वे कराने और वहां के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का कहना है कि कुछ पेशेवर शिकायतकर्ताओं एवं भवन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भवन मालिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बिना किसी जांच के भवन विभाग के अधिकारी उन्हें नोटिस देते हैं और सीलिंग के आदेश पारित करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली में 100 इमारतें जर्जर हैं लेकिन, ये भ्रष्ट अधिकारियों को नजर नहीं आ रही हैं।

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