तो ये है धोनी के ‘छक्का’ मारकर मैच खत्म करने की असली वजह

क्या आपको पता है धोनी के छक्के से मैच को खत्म करने के पीछे की वजह क्या है।

महेंद्र सिंह धोनी का नाम सुनते ही सबसे पहले 2011 विश्व कप फाइनल में लगाया गया विजयी छक्का ही याद आता है। धोनी को उनके लंबे-लंबे छक्कों के लिए जाना जाता है। पूर्व भारतीय कप्तान छक्का लगाकर मैच को खत्म करना चाहते हैं। क्या आपको पता है धोनी के छक्के से मैच को खत्म करने के पीछे की वजह क्या है।

महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया के सबसे बेहतरीन फिनिशर में गिना जाता है। कहा जाता है कि मुश्किल कंडीशन से टीम को निकालकर जीत तक पहुंचाने का काम धोनी से बेहतर कोई नहीं कर सकता। माही पहले तो मैच को धीरे-धीरे आखिरी ओवर्स तक ले जाते हैं और फिर ताबड़तोड़ पारी खेल इसे खत्म कर देते हैं।

छक्का लगाकर मैच खत्म करना पसंद

महेंद्र सिंह धोनी को बड़े मुकाबलों को बड़े हिट लगाकर खत्म करने में खास मजा आता है। विश्वकप 2011 फाइनल में धोनी ने जो विजयी छक्का लगाया था वो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। जब तक क्रिकेट की बात की जाएगी तब तक धोनी के इस छक्के की बात की होती रहेगी।

आखिर क्यों छक्के से मैच खत्म करते हैं धोनी

टीम इंडिया के विश्व विजेता के मास्टर माइंड धोनी ने खुद ही इस बात पर से पर्दा उठाया कि आखिर क्यों वो छक्का मारकर मैच खत्म करना चाहते हैं। कैप्टन कूल ने बताया कि जब मुकाबला आखिर तक पहुंच जाता है और कुछ रन ही चाहिए होते हैं तब विरोधी कप्तान रन रोकना चाहता है। ऐसे में फील्डिंग कर रहे खिलाड़ी के उपर से मारना ही सही विकल्प होता है।

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