Live : DMK चीफ एम करुणानिधि का निधन

बीमार चल रहे द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि का मंगलवार शाम को निधन हो गया। वह पिछले 11 दिन से शहर के एक अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल के कार्यकारी निदेशक डॉ अरविंदन सेल्वाराज ने एक बुलेटिन में कहा, ‘‘पिछले कुछ घंटों में कलैंइगर एम करूणानिधि की नाजुक हालत में काफी गिरावट आई है। इस बीच उनके समर्थकों में उनके स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंता है और दुआओं का दौर जारी है।
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अधिकतम चिकित्सीय मदद के बावजूद उनके महत्वपूर्ण अंगों की स्थिति बिगड़ती जा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘‘उनकी हालत बेहद नाजुक और अस्थिर है।’’  तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री को रक्तचाप गिरने के बाद 28 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया गया था। वह तब से आईसीयू में हैं। चेन्नई के कावेरी अस्पताल के बाहर भी समर्थकों की भीड़ एक बार फिर से एकत्रित होने लगी है। वहीं, पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।  सुरक्षा इंतजामों को ध्यान में रखते हुए समर्थकों को वहां से हटाया जा रहा है।

अधिकतम चिकित्सीय मदद के बावजूद उनके महत्वपूर्ण अंगों की स्थिति बिगड़ती जा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘‘उनकी हालत बेहद नाजुक और अस्थिर है।’’  तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री को रक्तचाप गिरने के बाद 28 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया गया था। वह तब से आईसीयू में हैं। चेन्नई के कावेरी अस्पताल के बाहर भी समर्थकों की भीड़ एक बार फिर से एकत्रित होने लगी है। वहीं, पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।  सुरक्षा इंतजामों को ध्यान में रखते हुए समर्थकों को वहां से हटाया जा रहा है।

आपको बतां दे कि इससे पहले सोमवार को भी अस्पताल की तरफ से जारी मेडिकर बुलेटिन में करुणानिधि की हालत बेहद नाजुक बताई गई थी। कल जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनके शरीर के महत्‍वपूर्ण अंगों को कार्य करने लायक बनाए रखना चुनौती बना हुआ है। कावेरी अस्पताल ने एक बयान जारी कर कहा कि 94 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है और वह मेडिकल सपोर्ट पर हैं। उसके अनुसार, ‘द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का स्वास्थ्य बिगड़ा है। ज्यादा उम्र होने के कारण उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्य क्षमता को बनाए रखना चुनौती साबित हो रही है।

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करुणानिधि ने इसी साल तीन जून को अपना 94वां जन्मदिन मनाया। ठीक 50 साल पहले 26 जुलाई को ही उन्होंने डीएमके की कमान अपने हाथ में ली थी। लंबे समय तक करुणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रिकॉर्ड भी रहा। वो पांच बार मुख्यमंत्री और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे हैं. अभी तक वह जिस भी सीट पर चुनाव लड़े हैं, उन्होंने हमेशा जीत दर्ज की है।

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