इन इंफेक्शंस के होने से स्ट्रोक का खतरा हो सकता है डबल

यूरिनरी या श्वसन तंत्र में इंफेक्शन से पीड़ित लोगों को दिल के दौरे और मोटापे की तुलना में स्ट्रोक का जोखिम लगभग दोगुना हो सकता है. हाल ही में आई रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है.

क्या कहती है रिसर्च-
रिसर्च में पाया गया कि यदि ये इंफेक्शंस बार-बार होते हैं और अस्पताल में भर्ती होना पडता है या फिर ये इंफेक्शन लंबे समय तक रहते हैं तो इनसे मौत भी हो सकती है.

यूरिनरी या श्वसन तंत्र में इंफेक्शन जैसे आम संक्रमणों में से किसी एक का होने पर हार्ट डिजीज होने और उससे मौत का जोखिम तीन गुना बढ़ जाता है. साथ ही ऐसे मरीजों में स्ट्रोक पड़ने का खतरा भी रहता है.

क्या कहते हैं आंकडे-
रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि जो श्वसन या मूत्र मार्ग के संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती होते हैं उन्हें 40% अधिक दिल का दौरा पड़ने की संभावना होती है और 2.5% अधिक स्ट्रोक होने की संभावना होती है, ऐसे रोगियों की तुलना में जो इस तरह के संक्रमण के शिकार नहीं है. ये प्रभाव डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों में भी उतना ही रहता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
ब्रिटेन की एस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता राहुल पोटली का कहना है कि इन स्थितियों से बचने की काफी कम संभावना है. उनका कहना है कि फ्यूचर में हृदय रोग और स्ट्रोक का मुख्या कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बहुत से संक्रमण होने वाले हैं.

कैसे की गई रिसर्च-
शोधकर्ताओं ने 34,027 रोगियों पर ये रिसर्च की. इसमें से लिंग, इंफेक्शन मोटापे, और बिना इंफेक्शन के मरीज, तम्बाकू के उपयोग, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी रोग इन सबका ध्यान रखा गया.

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