जो ये ड्राईवर पिछले चार सालों से कर रहा है अगर हम भी वहीं कर तो शायद शर्मदंगी से बच जाते

दुनिया में पर्यावरण को इंसानों के द्वारा काफी नुकसान पहुंच रहा है और ऐसे में अगर इंसान नहीं जागेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब इस धरती का विनाश हो जाएगा।
इस बीच कुछ लोग हैं जो पर्यावरण को बचाने और बनाने में लगे हैं और दूसरों के लिए एक मिसाल के रूप में काम कर रहे हैं। आइए आज एक ऐसे ही शख्स के बारे में हम आपको बताते हैं जिसके अंदर पर्यावरण का एक जुनून देखने को मिला है।
तमिलनाडु के बस कंडक्टर योगनाथन को आज पर्यावरण को बचाने के लिए जाना जाता है। इन्होंने 38 हजार से भी अधिक पेड़ लगाकर लोगों के सामने एक मिसाल पेश की है। योगनाथन हैं तो एक बस कंडक्टर लेकिन उनकी सोच कहीं ज्यादा बड़ी है। मरुधामलाई से गांधीपुरम के बीच बस नंबर 70 के कंडक्टर और पर्यावरण प्रेमी योगनाथन तमिलनाडु स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में पिछले 18 सालों से काम कर रहे हैं।
अब सीबीएसई की पांचवीं क्लास की किताब में भी उनका नाम शामिल किया जाएगा। सीबीएसई की किताब में योगनाथन का जिक्र करते हुए बताया गया है, ‘योगनाथन तमिलनाडु के ऐसे कंडक्टर हैं, जिन्होंने बीते 28 साल में अकेले 38 हजार से अधिक पेड़ लगाए हैं। साथ ही योगनाथन ने वन्य जीवन को बचाने और युवाओं में इनके पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सराहनीय कदम उठाया है’।
योगनाथन ने बताते हैं कि मैं नागापट्टीनम के पास मयिलादुथराई का रहने वाला हूं। स्कूल खत्म होने के बाद मैंने नीलगीरी में कुछ दिन काम किया था। मैं नीलगीरी की खूबसूरती देख कर काफी आश्चर्य में पड़ गया था। मैनें यहां होने वाली पेड़ों की तस्करी का विरोध भी किया था। इसी तरह के कुछ और मामलों ने मेरे अंदर पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत कर दी।’
पर्यावरण के प्रति योगनाथन का प्रेम देखकर, तमिलनाडु ग्रीन मूवमेंट के जयाचंद्रन ने भी उनका सहयोग किया। पहले योगनाथ चाय के बगानों में काम करते थे, फिर राज्य परिवहन निगम में कंडक्टर के तौर पर उनका सेलेक्शन हो गया और वो कोयंबटूर आ गए। वहीं कंडक्टर की नौकरी लगने के बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना नहीं छोड़ा।
योगनाथन पेड़-पौधे और वन्य जीव की सुरक्षा का काम तो करते ही, साथ ही वो पर्यावरण को लेकर युवाओं को जागरूक करने का काम भी करते हैं। योगनाथन बताते हैं, ‘मैं कई यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेज में कॉन्फ्रेंस के लिए गया हूं। गेस्ट लेक्चर के तौर पर मैं छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी देने की कोशिश करता हूं।’
Facebook Comments