गाजियाबाद में 4 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी, मच गया हाहाकार

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में 4 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई है. इमारत में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है. बता दें कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी.

इमारत गाजियाबाद के गोविंदनगर के पास अकाशनगर में गिरी है. मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच गई है.मलबे से 5 लोगों को निकाला गया है. वहीं, ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी इलाके में शुक्रवार को एक और इमारत की दीवार के ढहने से पांच लोग दब गए. इस हादसे में 2 की मौत हो गई है, वहीं 3 लोग घायल हैं.

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई की गई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है. बिल्डिंग की दीवार में दरार आ गई हैं. 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है.

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है. ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं.

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है. थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया. हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन में आया है. पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया. गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया. लेकिन, सवाल उठता है कि ग्रेटर नोएडा प्रशासन को ये गड्ढा और इससे पैदा होनेवाला खतरा पहले क्यों नहीं दिखा.

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