जब अमेरिका में खाने की मेज पर परोसा गया बीफ, तब हाजिरजवाब अटल ने कही ये बात…

देश के कद्दावर नेताओं में से एक रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी तमाम ऐसी दिलचस्प बातें हैं जो रोमांचित करती हैं. उनके जीवन से जुड़ी ऐसी ही खट्टी-मीठी यादों को झरोखा है पत्रकार विजय त्रिवेदी की किताब ‘हार नहीं मानूंगा’. ये किताब अटल जी की जीवनी है. इस किताब में लेखक ने तमाम ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है जो बहुत कम ही लोग जानते होंगे.

इसी किताब में उस वक्त की भी एक घटना का जिक्र है जब अटल जी अमेरिकी दौरे पर गये हुए थे. उनके साथ गये प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस नेता मुकुल बनर्जी भी शामिल थीं. सरकारी भोज के दौरान जब भोजन में बीफ भी परोसा जा रहा था उस वक्त मुकुल बनर्जी की नज़र उसपर पड़ी, उन्होंने वाजपेयी जी को बीफ की ओर देखकर इशारा किया. इसपर वाजपेयी जी ने तपाक से कहा- ये गायें इंडिया की नहीं हैं, अमेरिका की हैं. ये सुन वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े.

इसी जीवनी में एक और घटना का जिक्र मिलता है जब वाजपेयी जी आपातकाल के दौरान बेंगलुरु जेल में बंद थे. इसी दौरान कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से उन्हें दिल्ली एम्स शिफ्ट कर दिया गया. यहां उनके बगल वाले कमरे में एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी भी भर्ती थे उन्होंने डीपी त्रिपाठी को बुलाया और पूछा- शाम को क्या व्यवस्था है? इसके बाद डीपी त्रिपाठी ने पास के फोन बूथ से अपने एक जानने वाले को फोन किया और अस्पताल में ही सारी व्यवस्था करा ली. शाम को दोनों ने अस्पताल में ही बैठक जमा दी.

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