जानिए आखिर क्यों स्त्रियों को शिवलिंग और हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए

अक्सर आपने महिलाओं को बहुत बार भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करते हुए तो देखा होगा, परंतु महिलाओं को सदैव ही भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करनी चाहिए। खासतौर पर महिलाओं के लिए भगवान शिव के पूरे परिवार की पूजा करना लाभदायक होता है, परंतु महिलाओं के द्वारा भगवान शिव की शिवलिंग और हनुमान जी की मूर्ति को कभी भी स्पष्ट नहीं करना चाहिए। यह उनके लिए सही नहीं होता है।

स्त्रियों को शिवजी की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए

किंवदंतियों के अनुसार बताया गया है, कि कभी भी अविवाहित स्त्री को भगवान शिव की शिवलिंग के पास में भी नहीं जाना चाहिए। इसके साथ-साथ ना ही कभी शिवलिंग के चारों तरफ घूमना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा गया है, कि भगवान शिव सदा ही गंभीर तपस्या में लीन रहते हैं, इसीलिए जब भगवान शिव की पूजा की जाती है, तब उसका बहुत ही खास ध्यान रखा जाता है। भगवान शिव की पूजा पूरे विधि-विधान से होती है। देवता व अप्सराएं भी भगवान शिव की पूजा करते हुए बहुत ही सावधानी से उनकी पूजा करते हैं, इसलिए कि कहीं देवों के देव महादेव की तपस्या भंग ना हो जाए, जबकि तंद्रा भंग हो जाती है, तो वह बहुत क्रोधित होते हैं। इसी कारण से महिलाओं को शिव की पूजा न करने से रोका गया है। उसे रोका गया है।

इसके साथ-साथ महिलाओं के द्वारा की गई भगवान शिव की पूजा से पार्वती जी नाराज हो जाती हैं, इसलिए कभी कबार इस तरीके से की गई पूजा का महिलाओं पर उल्टा असर भी होता है।

स्त्रियों को हनुमान की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए

हनुमान जी को भगवान बजरंगबली की पूजा इसलिए नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हनुमान जी ने जानकी को माता बना है। इसके साथ-साथ हनुमान जी ने पढ़ते की स्त्रियों को माता का दर्जा दिया है। इसी कारण हनुमान जी किसी भी महिला को अपने सामने प्रणाम करते हुए नहीं देख सकते हैं। इसके विपरीत स्त्री शक्ति को हनुमान जी स्वयं नमन करते हैं। इसी कारण कहा गया है, कि कभी भी महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति की पूजा नहीं करनी चाहिए।

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