जापान में बच्चा पैदा करने पर मिलता है 1.85 लाख रु. फिर जनसंख्या जोरों से घट रही है

महिलाओं को करियर बनाने के लिए पुरुषों से ज्यादा मौके हैं। उनका मानना है कि शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ जाएगी, इसलिए ज्यादातर युवतियां या तो शादी नहीं करना चाहतीं या देरी से करती हैं।
– 2015 में जापान की जनसंख्या 12 करोड़ 71 लाख थी

– जनसंख्या के लिहाज से जापान दुनिया का 10वां देश है
– औसतन 31 सेकंड में एक बच्चा जन्म ले रहा, औसतन 23 सेकंड में एक शख्स की मौत हो रही

टोक्यो. जापान में तेजी से घटती जनसंख्या सरकार के लिए बड़ी समस्या बन गई है। 2009 में जापान की जनसंख्या करीब 12 करोड़ 85 लाख थी। अब यह 12 करोड़ 71 लाख रह गई है। 2016 में यहां करीब नौ लाख बच्चों ने जन्म लिया, लेकिन मौत इससे तीन लाख ज्यादा हुईं। अनुमान है कि अगले 10 साल में देश की जनसंख्या एक तिहाई कम हो जाएगी। ऐसे में सरकार जन्मदर बढ़ाने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है। यहां बच्चों के जन्म पर सरकार परिवार को 1.85 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि देती है।

जनसंख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में 2 से 3 फीसदी का इजाफा कर दिया है। इसके लिए इस बार दो लाख करोड़ येन (करीब 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपए) का बजट रखा गया। जापान में अभी प्रति महिला बच्चे पैदा करने की दर 1.44 है। सरकार इसे बढ़ाकर 1.8 करना चाहती है।

सरकार बच्चों के लिए देती है रियायतें: बच्चे की देखभाल का हर दिन का खर्च करीब 1000 रुपए है। इस पर सरकार सब्सिडी देती है। बच्चों से संबंधित ज्यादातर चीजों पर सरकार रियायत देती है। बच्चा सेकंडरी स्कूल में पहुंचता है तो बस-वैन के खर्च के तौर पर सालाना 61 हजार रुपए मिलते हैं। उनकी सेहत और इलाज पर होने वाले खर्च का 30% सरकार देती है। बच्चों को सुविधा देने वाले कारोबार जैसे- नर्सरी या क्रैच के लिए सरकार बिना किराए के जमीन देती है।

जापान की जनसंख्या कम होने की 6 वजह
1)
 जापान में युवाओं को करियर की चिंता ज्यादा है। इसीलिए यहां बिना शादी किए अकेले रहने का चलन बढ़ रहा है। 2015 की जनसंख्या के मुताबिक यहां 34.6% मकान मालिक अकेले हैं।

2) महिलाओं को करियर बनाने के लिए पुरुषों से ज्यादा मौके हैं। उनका मानना है कि शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ जाएगी, इसलिए ज्यादातर युवतियां या तो शादी नहीं करना चाहतीं या देरी से करती हैं।

3) यहां पति-पत्नी की प्राथमिकता खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। वे शादी होने के बाद भी लंबे समय तक बच्चे पैदा नहीं करते। देश में 56% परिवार ऐसे हैं जहां पति-पत्नी के अलावा उनके एक या दो बच्चे हैं।

4) नई पीढ़ी को लगता है कि बच्चे पैदा करने से महिलाओं की खूबसूरती पर असर पड़ता है। गर्भवती महिला अच्छी नहीं दिखती।
5) यहां 65 साल से ज्यादा उम्र वालों की आबादी 27% है। ऐसे में मृत्युदर लगातार बढ़ रही है। बुजुर्गों में खुदकुशी के मामले भी बढ़े हैं।

6) यहां के युवा अमेरिका या यूरोप में जाकर कारोबार करने को तरजीह दे रहे हैं। यहां औसतन 11 मिनट में एक व्यक्ति देश छोड़ रहा है।

एक गांव जिसने मिसाल कायम की : जनसंख्या बढ़ाने के मामले में जापान के एक गांव नागीचो ने नजीर पेश की है। यहां प्रति महिला बच्चे पैदा करने की दर 1.4 थी, जो 2014 में बढ़कर 2.8 हो गई। यहां कि जनसंख्या 6000 है। 1955 में यह 9000 थी।

Facebook Comments