जानिए महालक्ष्मी श्री विष्णु के पैरों की दासी क्यों बनी …..

 भगवान विष्णु ने लक्ष्मी को अपने पुरुषार्थ के बल पर ही वश में किया हुआ है. लक्ष्मी उन्हीं के वश में रहती है जो हमेशा पुरुषार्थ कर सभी के कल्याण का भाव रखते हैं. विष्णु के पास जो लक्ष्मी हैं वह धन और सम्पत्ति है. भगवान श्रीहरि उसका उचित उपयोग कैसा करें यह वह जानते हैं

धन की चाहत तो सभी को होती है , लेकिन धन की देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भगवान विष्णु की कृपा होना बहुत ही जरुरी है, क्योंकि लक्ष्मी उन्हीं के चरणों में रहती हैं.आपने कई तस्वीरों में देखा होगा कि मां लक्ष्मी सदैव विष्णु के चरणों में बैठकर उनके चरण दबाती ही दिखाई देती है.इसके पीछे एक पौराणिक कथा है .जिसमें इस रहस्य के बारे में खुलासा किया गया है.

इस पौराणिक कथा  के अनुसार एक बार देवर्षि नारद ने धन की देवी लक्ष्मी से सवाल किया कि आप हमेशा श्री हरि विष्णु के चरण क्यों दबाती रहती हैं. इस पर लक्ष्मी जी ने जवाब में कहा कि ग्रहों के प्रभाव से कोई अछूता नहीं रहता, वह चाहे मनुष्य हो या फिर देवी-देवता. सबको अपने प्रारब्ध के हिसाब से फल भोगना पड़ता है.महिला के हाथ में देवगुरु बृहस्पति वास करते हैं और पुरुष के पैरों में दैत्यगुरु शुक्राचार्य. जब महिला पुरुष के चरण दबाती है, तो देव और दानव के मिलन से धनलाभ का योग बनता है. इसलिए मैं हमेशा अपने स्वामी के चरण दबाती हूं.

उल्लेखनीय है कि भगवान विष्णु ने लक्ष्मी को अपने पुरुषार्थ के बल पर ही वश में किया हुआ है. लक्ष्मी उन्हीं के वश में रहती है जो हमेशा पुरुषार्थ कर सभी के कल्याण का भाव रखते हैं. विष्णु के पास जो लक्ष्मी हैं वह धन और सम्पत्ति है. भगवान श्रीहरि उसका उचित उपयोग कैसा करें यह वह जानते हैं. यही कारण है कि महालक्ष्मी श्री विष्णु के पैरों में उनकी दासी बन कर रहती हैं.

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