पेट में रोटी ही नहीं किसानों के और शहीद की लाशों पर कर रहे हैं पीएम मोदी योगा

कश्मीर में सैनिकों की लाश पर फिटनेस का कार्यक्रम 
किया जा रहा है तो यह कहाँ तक जायज है. 

मोदी जी और उनके समर्थक मोदी जी को विश्वस्तरीय नेताओं के समक्ष आंकते है. इन लोगों को कौन समझाए, मोदी जी ये जो आड़े-तिरछे होकर पीआर एजेंसी के माध्यम से वीडियो वायरल कर लोगों को सलाह दे रहे है, यह सब कुछ उन देशों के नेताओं को ही अच्छा लगता है जिन नेताओं ने अपने देश को गरीबी, भुखमरी, दंगे-वंगे, और आर्थिक हालातों से बाहर निकाल लिया है.

मोदी जी जो कर रहे है, वो इनके किसी काम का नहीं, लेकिन अगर आपने लाखों रुपए खर्च कर इधर-उधर 10-15 कैमरे लगा दिए और एक वीडियो बनाकर वायरल कर दिया और सोच रहे है कि देश के लिए बड़ा काम कर दिया, तो साहब आपके लिए शब्द नहीं है. मोदी जी का ध्यान आजकल फिटनेस पर ज्यादा है, होना भी चाहिए लेकिन क्या देश में मरते हुए किसान, कश्मीर में सैनिकों की लाश पर फिटनेस का कार्यक्रम किया जा रहा है तो यह कहाँ तक जायज है.

साहब फिटनेस तो बहुत बाद की चीज है गरीब के पेट में रोटी ही नहीं होगी तो फिटनेस पर क्या ख़ाक ध्यान देगा, सैनिक आज पाकिस्तान के हाथों हर दिन मारा जा रहा है, देश का दलित घर के साथ जला दिया जाता है और साहब कुछ नहीं बोलते है, यहाँ तक कि एक ट्वीट भी नहीं होता. हालाँकि कुछ समझने वालों की अक्ल शायद घास चरने गई है, तभी देश में किसानों, दलितों और सैनिकों की लाशों पर फिटनेस का तगड़ा खेल चल रहा है.

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