Sports : तब इस फैसले के चलते पूरी कैरेबियाई टीम पर आजीवन पाबंदी लग सकती थी…

हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कैरेबियाई क्रिकेटर ड्वेन ब्रावो ने ने साल 2014 में भारत दौरे को अधूरा छोड़ने वाली घटना को याद करते हुए कहा है कि उनके इस फैसले के बीद पूरी टीम ही जिंदगी भर के लिए बैन हो सकती थी.

ब्रावो ने कहा कि 2014 में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ अनुबंध विवाद के कारण जब उनके खिलाड़ियों ने भारत में वनडे सीरीज नहीं खेलने की धमकी दे डाली थी तो बीसीसीआई ने उन्हें भुगतान की पेशकश की थी.

उन्होंने कहा कि उस समय बीसीसीआई अध्यक्ष रहे एन श्रीनिवासन ने उनकी टीम को पहला वनडे खेलने के लिये मनाया था. इसके बाद धर्मशाला में चौथे वनडे के बीच में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई को बताया कि खिलाड़ियों के साथ अनुबंध विवाद के कारण उन्होंने दौरे का बाकी हिस्सा रद्द करने का फैसला किया है . ब्रावो ने कहा कि बीसीसीआई ने उनकी समस्याओं को समझा ।

उन्होंने ‘आई 955 एफएम ’ से कहा, ‘ वे हमारी बात समझे और उनका रूख सहयोगात्मक था. उन्होंने हमें नुकसान की भरपाई की भी पेशकश की. हम नहीं चाहते थे कि बीसीसीआई हमें भुगतान करे. हम चाहते थे कि हमारा बोर्ड इस विवाद का हल निकाले.’

अक्तूबर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके ब्रावो ने कहा ,‘‘ मुझे अच्छी तरह से याद है कि हम पहला मैच भी नहीं खेलने वाले थे । सुबह तीन बजे मुझे बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का संदेश आया कि ‘प्लीज मैदान पर उतरियेगा.’

उन्होंने कहा, ‘ मैने उनकी बात सुनी और छह बजे टीम से कहा कि हमें खेलना होगा. कोई भी खेलना नहीं चाहता था. सभी को लगा कि मैं डर गया हूं लेकिन हमने सामूहिक रूप से खेलने का फैसला लिया.’

ब्रावो ने कहा, ‘हमने चारों मैच खेले. चौथे मैच में पूरी टीम टॉस के लिए साथ उतरी थी. हम संदेश देना चाहते थे कि हमारे बोर्ड में जो कुछ हो रहा है, हम उससे खुश नहीं है.

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