मां कपड़े बेचती थी और बेटे ने खड़ा कर दिया 300 करोड़ का बिजनेस

किसी ने सच ही कहा है कि ‘कौन कहता है आसमान में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों’। जी हां, नामुमकिन को भी मुमकिन करके दिखाया है एक कपड़े बेचने वाली मां के बेटे ने। आज शरद सुरी ने अपनी मेहनत और लगन से 300 करोड़ रुपए का कारोबार खड़ा कर उस गरीब मां का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है। इन्होंने अपने मां के काम से ही प्रेरणा ली और सीएनएम अपैरेल फैशन ब्रांड खड़ा कर दिया।

5,000 रुपए से शुरू किया बिजनेस

चुनमुन (सीएनएम) के चेयरमैन शरद सुरी ने अपने बिजनेस की शुरूआत 80 के दशक में उनकी मां सतीश सुरी के साथ की थी। साल 1979 में 3 बच्चों के परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्होंने घर में ही कपड़े बेचने का काम शुरू किया था।

इसके लिए वह थोक बाजार में जाकर कपड़े खरीदतीं और घर से कपड़े बेच देती थी। उन्होंने तब 5,000 रुपए से अपने इस छोटे से बिजनेस की शुरुआत की। जो दिल्ली के लाजपतनगर में चल पड़ा। देखते ही देखते उन्होंने घर का एक फ्लोर कपड़ों के कारोबार के लिए तब्दील कर दिया।

बेटे ने बढ़ाया कारोबार

शरद सुरी एक साइंस ग्रेजुएट छात्र था और उसे एयर इंडिया से जॉब ऑफर भी मिल गया। लेकिन उसने इस जॉब को ठुकराकर अपनी मां के कारोबार में हाथ बंटाया। वह साल 1985 में अपनी मां के कारोबार से जुड़े। उन्होंने लाजपतनगर के बात अपना अगला स्टोर साल 1989 में ग्रेटर कैलाश में खोला। इसके बाद उन्हें कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बना दी 300 करोड़ की कंपनी

आज चुनमुन (सीएनएम) ब्रांड के 11 स्टोर हैं। 22 सिंतबर को उनका अगला स्टोर रोहिणी में खुलने वाला है। उन्होंने चुनमुन की ब्रांडिंग में बदलाव कर सीएनएम, चुनमुन कर दिया है। बता दें, सीएनएम अब एक मल्टीब्रांड रिटेल चेन बन गई है। जहां एक छत के नीचे कस्टमर को हर तरह के ब्रांड के कपड़े मिल जाते हैं।

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