गोरक्षक ट्रस्टों को अब नया काम देगी महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र के गोरक्षक ट्रस्टों को जल्द ही एक अनोखा काम दिया जाएगा। इनका काम होगा आवार पशुओं, खासक गायों को सड़कों और भीड़भाड़ वाली जगहों से हटाना। चैरिटी कमिश्नर ने इस काम के लिए राज्य के लगभग 40 ट्रस्टों से अपील की है कि इस तरह के जानवरों को अपने शेल्टर में रखें।

चैरिटी कमिश्नर शिवकुार डिगे ने बताया, ‘आवारा पशुओं के कारण जहां सड़कों पर जाम लगता है वहीं इससे ऐक्सिटेंड होने का खतरा भी रहता है। हमलोगों ने फैसला लिया है कि इस काम में गोरक्षक ट्रस्टों की मदद ली जाएगी जो पहले से ही गायों को शेल्टर, खाना और दूसरी सुविधाएं दे रहे हैं।’

उन्होंने बताया, ‘अभी पहले चरण में एक जानवर को अधिकतम दस दिनों तक शेल्टर होम में रखे जाने का प्लान है। पशुओं के मालिकों को शेल्टर होम से अपने जानवर ले जाने के लिए 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शेल्टर होम को भुगतान करना होगा। अगर मालिक दस दिनों में यह भुगतान करके अपना पशु नहीं ले जाएगा तो उसे स्थानीय निकाय को दे दिया जाएगा।’

प्रदेश सरकार ने इससे पहले गाय संरक्षण के लिए एक योजना बनाई थी। इसके अंतर्गत 34 करोड़ रुपये से जमीन लेकर शेल्टर होम बनाया जाना था लेकिन यह योजना कारगर नहीं हो सकी। इसलिए अब नया प्लान तैयार किया गया है।

कमिश्नर ने कहा कि जिन छोटी जगहों पर शेल्टर होम नहीं हैं वहां के मंदिरों के ट्रस्ट से इस योजना में शामिल होने का अनुरोध किया जाएगा। वहीं लातूर नगर निगम के अधिकारी अशोक गोविंदपुरकर ने बताया कि इस योजना के लिए उन लोगों ने टेंडर निकाल दिया है। शेल्टर होम से आवेदन मंगवाए गए हैं।

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