वाल्मीकि समाज की महिलाओं को मंदिर में पूजा करने से रोका

सोमवार को मथुरा के एक शिव मंदिर में जल चढ़ाने आई वाल्मीकि समाज की कुछ महिलाओं को अन्य समाज की महिलाओं ने पूजा करने से मना कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए और ताला जड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। वाल्मीकि समाज की महिलाओं ने कुछ समय वहीं बैठकर मामला सुलझने का इंतजार करने के बाद पुलिस को बुला लिया। पुलिस और गांव के बुजुर्गों के हस्तक्षेप के बाद शाम को दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद मामला सुलझा लेने का दावा किया गया।

पुलिस के अनुसार बिरजापुर गांव में बनी आनंदकुंज कॉलोनी में संतो देवी और कुछ अन्य महिलाओं ने मंदिर में जल चढ़ाने आईं वाल्मिकी समाज की महिलाओं को अंदर घुसने से रोक दिया। जिस पर उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। पुलिस ने संतो देवी को हिरासत में ले लिया लेकिन बाद में मामला निपट जाने के बाद छोड़ दिया।

इस मामले में संतो देवी का कहना था कि गांव में वाल्मीकि समाज का मंदिर पहले से ही बना हुआ है लेकिन वे वहां पूजा ना करके पिछले सोमवार से यहां जल चढ़ाने आ रहीं हैं। उनका मकसद पूजा करना नहीं, माहौल को बिगाड़ना है। दूसरी ओर, वाल्मिकी समाज की एक महिला ने कहा कि हम शांति के साथ पूजा करने पहुंचे थे। हमें उन्होंने मंदिर में घुसने नहीं दिया और ताला भी लगा दिया। इस पर हमने पहले तो उनसे विनम्र निवेदन किया। लेकिन जब वे नहीं मानी तो पुलिस को फोन कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस के आने के बाद गांव के बड़े-बूढ़े लोगों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझा दिया है। अब मामला शांत हो गया है।

क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि अब गांव में पूरी तरह से शांति है। दोनों पक्षों में सौहार्द कायम करा दिया गया है। सभी महिलाएं शांति से पूजा-पाठ कर रही हैं

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