हॉस्पिटल में ‘कबाब तोड़’ रहा है मुजफ्फपुर कांड का मास्टर माइंड ब्रजेश ठाकुर, जेल की खिचड़ी खाने के बदले

आपको वह फोटो तो याद ही होगा जिसमे मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर खिलखिलाकर हंस रहा था। मानो कह रहा हो कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आज वह बात सच साबित होते दिख रही है।

ताजा अपडेट के अनुसार ब्रजेश ठाकुर जेल की खिचड़ी खाने के बदले हॉस्पिटल में अराम फराम रहा है और मुफ्त की रोटियां तोड़ रहा है। जानकारों की माने तो उसे कोई खास बिमारी नहीं है जिसके कारण उसे अस्पताल में एडमिट किया जाए। वैसे एक बात तय है कि जैसे ही हाई प्रोफाइल के लोगों को जेल जाने की बारी आती है वैसे ही वे बीमार पड़ जाते हैं।


बताया जाता है कि गिरफ्तार ब्रजेश ठाकुर पिछले 63 दिन से जेल में है। लेकिन अब तक मात्र पांच दिन जेल में गुजारा है। मेडिकल टीम की माने तो ब्रजेश सच में बीमार है ओर उसे इलाज की आवश्यकता है। इस मामले में डीजीपी ने कहा कि अब यह मामला हमारे पास नहीं है बल्कि सीबीआई को सौंप दिया गया है। उधर विपक्षी नेता ने आरोप लगाया है कि ब्रजेश ठाकुर जेल में सुख भोग रहे हैं।

इस मामले में मुजफ्फरपुर जेल के सुपरीटेंडेंट राजीव कुमार पुष्टि करते हुए कहा कि यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को वार्ड नंबर-8 में भर्ती कराया गया है। ऐसा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की सलाह पर किया गया, चूंकि डॉक्टरों ने बताया कि ठाकुर को स्लिप डिस्क की बीमारी है। उसे डायबिटीज के अलावा ब्लड प्रेशर की भी समस्या की बात कही गई। इसलिए उसे लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रहने की जरुरत है। जेल सुपरीटेंडेंट के मुताबिक इन सब के बाद बैरक में अगर उसे कुछ हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? अगर डॉक्टर कहते हैं कि उसे हॉस्पिटल में रखा जाए तो हम इसमें क्या कर सकते हैं? उसने बहुत से अपराध किए हैं, इसका मतलब यह तो नहीं कि उसे उपयुक्त उपचार ना दिया जाए। यह उसका अधिकार है।


अधिकारी ने आगे कहा, ‘क्या हो अगर वो बैरक में मर जाए? लोग कहेंगे किसी साजिश की वजह से उसकी मौत हुई है।’ वहीं पटना के एक सीनियर वकील ने बताया कि मेडिकल उपचार के बहाने हॉस्पिटल में रहना, हो सकता है कि ठाकुर पटना हाईकोर्ट से पहले जमानत की कोशिश में लगा हो। जबकि मामले के अन्य 9 आरोपी जेल बैरक में बंद हैं। बता दें कि ठाकुर की जमानत याचिका को पोस्को कोर्ट पहले ही खारिच कर चुका है। 31 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने ठाकुर को 2 जून को गिरफ्तार किया।

वहीं इस मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम केस दर्ज होने के बाद दूसरी बार मुजफ्फरपुर बालिका गृह पहुंची है। केस के सीबीआई आईओ के साथ तीन अधिकारी बालिका गृह पहुंचे हैं। सीबीआई जांच में एक खुलासा भी हुआ है। जानकारी के मुताबिक ब्रजेश ठाकुर के तीन नंबरों के कॉल डिटेल से पता चला है कि वह लगातार मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक सफेदपोशों के संपर्क में था। सीबीआई कॉल डिटेल के आधार पर ब्रजेश से पूछताछ करेगी।

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