Old Memories : जन्मदिन पर मोहल्ले में बांटने थे लड्डू, लेकिन अटल खुद ही खा गए

अटल जी का आगरा से गहरा रिश्ता रहा। आगरा प्रवास के दौरान वह अक्सर अपनी छोटी बहन के घर कई दिन रहते थे। प्रतापनगर चौराहा स्थित आलोक नगर में उनकी छोटी बहन कमला दीक्षित का घर है। आखिरी बार 2005 में कमला दीक्षित के पुत्र अजय दीक्षित के निधन पर अटल जी आगरा आए थे। भांजा बहू निर्मला दीक्षित राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं।

निर्मला दीक्षित के पुत्र अक्षय ने अटल जी से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि दादी अक्सर उनकी बातें किया करती थीं। दादी ने बताया था कि एक बार अटल जी के जन्मदिन पर मां ने मोहल्ले में लड्डू बांटने के लिए दिए। हम दोनों भाई-बहनों को लड्डू बांटने थे। तब अटल जी बोले, बहन हम एक-एक लड्डू निकाल कर खा लें। मां को पता नहीं चलेगा। दोनों भाई-बहनों ने लड्डू खुद ही खा लिए। फिर जब पड़ोसन ने एक दिन मां से कहा कि इस बार अटल्ला (प्यार का नाम) के जन्मदिन पर लड्डू नहीं बांटे, तो मां ने कहा मैंने तो अटल्ला और कमला से बंटवाए थे। क्या तुम्हारे घर नहीं आए, तब पता चला कि वे लड्डू तो खुद अटल्ला खा गया।

घर ही मंगा लेते थे चाट-पकौड़ी
अक्षय ने बताया कि जब बाबा घर आते थे, तो घर ही चाट पकौड़ियां मंगा लेते थे। बच्चों से बहुत प्यार करते थे। पेठा, दालमोठ, गजक, बेड़ई-कचौड़ी बड़े चाव से खाते थे।

जब देखी ‘राम तेरी गंगा मैली’
अक्षय ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने से पहले एक बार बाबा घर आए, तो पिता जी से बोले रिक्शा बुला लो फिल्म देखने चलते हैं। पिताजी ने कहा कि आप रिक्शे से जाएंगे, तो मिलने वालों की भीड़ लग जाएगी। मैं टिकट मंगा लेता हूं। अक्षय ने बताया कि नटराज सिनेमा में तब उनके साथ पूरे परिवार ने फिल्म देखी।

ऑपरेशन के बाद करने लगे थे परहेज
घुटने के ऑपरेशन के बाद अटल जी ने खान-पान में परहेज किया। मधुमेह की समस्या हो गई। मीठे से परहेज करने लगे। भांजे पुत्र अक्षय ने बताया कि परिवार का कोई व्यक्ति उनसे जब दिल्ली मिलने जाता था तो वह हमेशा परिवार को प्राथमिकता देते थे। उन्हें पेठा-दालमोंठ पसंद थी। हम आगरा से जो पेठा ले जाते थे, तो वह पूछते थे कौन से पेठा लाए हो केसर है या अंगूरी। डिब्बा खोलते ही पहले खुद खाते थे। उनके आवास पर जो भी आता था, उसे यह कहकर पेठा खिलाते थे कि मेरे घर आगरा से आया है।

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