घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर पहुंची मुस्लिम दुल्हन…

रीति-रिवाजों को देखा जाए तो दूल्हा ही बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है। इस बार एक ऐसी कहानी सामने आई है कि लड़की घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर पहुंच गई।

हाथी-घोड़ा पालकी से बारात लेकर पहुंच इस लड़की ने यूं तो सबको अचंभे में डाल ही दिया। वहीं एक बात और है जो इसमें हैरान करती है कि लड़की मुस्लिम दुल्हन है।

महू में मंगलवार शाम को अलग ही नजारा देखने को मिला। जब रिमझिम बारिश के बीच एक मुस्लिम लड़की का शाही बाना निकला। मुस्लिम समुदाय में ऐसे नजारे देखने को नहीं मिलते। खास तौर किसी मुस्लिम लड़की को बारात ले जाते देखना ही अपने-आप में हैरत वाली बात है।

इस तरह के लाव-लश्कर के साथ पहली बार निकला बाना लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें जहां लड़की खुद घोड़ी पर सवार होकर निकाह के उत्साह में नजर आई। वहीं बाराती भी विंटेज कार में सवार होकर धूम मचाते पहुंचे।

महू के रहने वाले गुड्डू मो. शफी बेटी की नेहा निखत का शाही बाना (शादी की रस्म) निकला गया। इसमें निखत खुद घोड़ी पर सवार थी। वहीं रिश्तेदारों ने फूलों से सजी विंटेंज कारों की सवारी की। कुछ रिश्तेदार ऊंट और हाथी की सवारी भी करते नजर आए। आदिवासी नृत्य की टोली और ढोल-ताशों का प्रदर्शन भी देखने का मिला।

दुल्हन के बड़े भाई परवेज खान ने बताया कि एक साल पहले बहन नेहा की सगाई उज्जैन निवासी साजिद से हुई थी। साजिद कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। गुरुवार को बरात उज्जैन से महू आएगी। इसके पहले हमने मंगलवार को धूमधाम से नेहा का बाना निकाला। इसमें समाज सहित हमारे अन्य दोस्त और पारिवारिक मित्र शामिल हुए।

परवेज ने बताया कि मेरा कोई छोटा भाई नहीं है। नेहा को हमने बहुत ही लाड़ प्यार से पाला है। मेरी ये दिली इच्छा थी कि उसकी शादी खूब धूमधाम से हो। इसलिए मैंने उसका बाना निकालने का फैसला किया।

जब ये बात हमने दूल्हे के परिजनों को बताई तो उन्होंने भी खुशी जाहिर की। मुझे ऐसा लगता है कि बेटियां किसी बात में बेटों से कम नहीं होती हैं। इसलिए उनकी शादी भी वैसी ही हो जैसा बेटों की होती है।

 

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