Breaking : पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी की बढ़ी मुश्किलें, 24 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

भाजपा के पूर्व मंत्री और खनन उद्योगपति जी जनार्दन रेड्डी को सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके ऊपर मनी लॅान्ड्रिंग और गैरकानूनी लेन देन में मदद करने का आरोप लगा है। वहीं जी जनार्दन रेड्डी के अलावा उनके साथी महफूज अली खान को भी सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। हालांकि अब जनार्दन रेड्डी को गिरफ्तारी के बाद मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए भेजा गया।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही हम उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे। इसके अलावा हम उनसे पैसों की वसूली करेंगे और उसे निवेशकों को दे देंगे।

जानकारी के लिए आपको बता दें,  बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर टी सुनील कुमार ने बताया कि 2016-17 में ऐम्बिडेंट कंपनी खोली गई थी। निवेशकों को कंपनी ने हर महीने 30-40 प्रतिशत पैसा वापस करने का भरोसा दिलाया था। जब कंपनी पैसा लौटाने में नाकाम रही तो कुछ केस दर्ज कराए गए। जनवरी 2017 में ईडी ने कंपनी पर छापे मारे। मामले की छानबीन आगे बढ़ी तो पता चला कि ऐम्बिडेंट कंपनी ने 18 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ, यह पैसा अंबिका जूलर्स के रमेश कोठारी को ट्रांसफर किया था।

जब कोठारी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बेल्लारी के एक जूलर रमेश को उसने 57 किलो सोना दे दिया था। सख्ती से पूछताछ करने पर जूलर रमेश ने बताया कि उसने रकम इसलिए दी क्योंकि जनार्दन रेड्डी और दूसरे लोगों ने उनसे वादा किया था कि उन्हें ईडी की जांच से उसे बचा देंगे। फिलहाल जनार्दन रेड्डी और उनके साथी महफूज अली खना से पूछताछ जारी है।

आपको बता दें कि सीबीआई ने जनार्दन रेड्डी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध माइनिंग के कई मामलों में केस दर्ज किए हैं। वे 2015 से जमानत पर हैं। रेड्डी तीन साल तक जेल में भी रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से जनार्दन रेड्डी को बेल्लारी जिले में घुसने की भी इजाजत नहीं है। इसके बावजूद वे कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार करते नजर आए थे।

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