Breaking : 95,445 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा दिसम्बर के पहले हफ्ते में, UP टीईटी की परीक्षा 28 अक्टूबर को

उत्तर प्रदेश सरकार  95,445 शिक्षक भर्ती की शुरुआत सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में करेगी। अध्यापक पात्रता परीक्षा 2018 (टीईटी)का विज्ञापन 15 सितम्बर को जारी होगा। वहीं 28 अक्टूबर को टीईटी कराया जाएगा। टीईटी का औपचारिक आदेश गुरुवार को जारी हो सकता है। इसके बाद सरकार भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी और 31 दिसम्बर तक इसे पूरा करने की योजना है।

इसके लिए नवम्बर में 95,445 शिक्षक भर्ती का शासनादेश जारी होगा और  दिसम्बर के पहले हफ्ते में शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा होगी। शिक्षक भर्ती 31 दिसम्बर तक पूरी कर ली जाएगी।  राज्य सरकार 2019 के लोकसभा चुनाव में जाने से पहले इस भर्ती की शुरुआत कर देना चाहती है ताकि इसका पूरा लाभ चुनावों में मिल सके। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना दिसम्बर में जारी होने की संभावना है लिहाजा भर्ती भले ही 31 दिसम्बर तक पूरी न हो पाए लेकिन नियमानुसार भर्ती की चालू प्रक्रिया पर अधिसूचना के बाद कोई रोक नहीं लगती है।

हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग इस भर्ती को फरवरी 2019 में करना चाह रहा था लेकिन चालू 68,500 भर्ती में केवल 41,555 अभ्यर्थियों के पास होने के बाद ये मांग जोर पकड़ रही थी कि दूसरी भर्ती भी जल्द कराई जाए। विभाग को भी अपनी जरूरत के मुताबिक कम शिक्षक मिले थे। वहीं आरक्षण के मुताबिक अन्य पिछड़ा वर्ग के पद कम पड़ रहे थे यानी इस वर्ग के ज्यादा लोग सफल हो गए थे और इन्हें नियुक्त करने के लिए 41555 पद में आरक्षित पद नहीं मिल रहे थे।

वहीं राज्य सरकार का भी ज्यादा जोर भर्ती पर है। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग ने भर्ती जल्द कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है।  सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षामित्रों  का समायोजन निरस्त होने के बाद 137000 शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं। 68500 शिक्षक भर्ती के लिए मौजूदा लिखित परीक्षा में केवल 41 555  अभ्यर्थी ही पास हो पाए लिहाजा इसमें के बचे हुए 26945 पद भी अगली 68500 पदों में जोड़ दिए गए हैं अब 95 445 पदों पर भर्ती होगी।

 टीईटी की प्रमुख तिथियां- 
पंजीकरण शुरू होगा-         17 सितम्बर से
पंजीकरण होंगे-        3 अक्टूबर तक
आवेदन शुल्क लिया जाएगा    4 अक्टूबर तक
आवेदन होंगे            5 अक्टूबर तक

हम शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए शिक्षक भर्ती 31 दिसम्बर तक पूरा करना चाहते हैं। अगले सत्र की शुरुआत में शिक्षकों की कोई कमी नहीं रहेगी।
डॉ प्रभात कुमार, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग

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