दिल्ली: यमुना के तट से निकाले गए लोगों ने सुनाया अपना दर्द

 यमुना के जल स्तर के खतरे के निशान के ऊपर पहुंच जाने के बाद नदी के तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए लोगों ने सरकार की ओर पर्याप्त प्रबंध नहीं किये जाने की शिकायत की है। यमुना खादर के चिल्ला गांव से मयूर विहार एक्सटेंशन के एक अस्थायी शिविर में ले जायी गयी प्रेमवती ने शिकायती लहजे में कहा कि उन्हें सरकार की ओर से पर्याप्त मदद और राहत नहीं मिल रही है।
PunjabKesari तीन बच्चों की मां प्रेमवती ने कहा कि चार दिन पहले अधिकारियों ने हमें जगह खाली करने को कहा। हमने यहां आकर अपने से एक अस्थायी तंबू लगाया। सरकार की ओर से बनाये गए शिविरों में पहले ही क्षमता से अधिक लोग हैं। उन्होंने कहा कि शोचालय के लिए हमें एक किलोमीटर जाना पड़ता है, जहां मोबाइल टॉयलेट लगे हुए हैं। इसके अलावा पेयजल और खाने का भी उचित प्रबंध नहीं है। हम लोग किसी तरह समय काट रहे हैं। आज कुछ और तंबू लगाये जा रहे हैं और उम्मीद है कि हमें उसमें जगह मिल जाएगी।

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रामावतार नामक एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि हर साल यमुना में पानी बढऩे पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को दूसरी जगहों पर जाने को कहा जाता है। लेकिन आश्रय, भोजन और पानी का समुचित प्रबंध नहीं होता है। खाने और पानी के लिए हमें सरकार की ओर से लगाए गए शिविरों तक जाना होता है लेकिन उसका मतलब है कि आपको हर बार खाने के लिए एक किलोमीटर चलना पड़ेगा। उन्होंने क्षोभ जाहिर करते हुए कहा कि कल वह समय पर शिविर तक नहीं पहुंच सके थे, इसलिए उन्हें पूरे परिवार के लिए केवल चार पुड़ी ही मिल पायी थीं। रामावतार के परिवार में चार लोग हैं।
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