72वें स्वतंत्रता दिवस पर मुस्लिम महिलाओं के लिए पीएम मोदी ने कही ये बातें

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 82 मिनट तक भारतीय जनता को संबोधित किया। लेकिन अपने संभाषण में उन्होंने अल्पसंख्यक शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया। हां, उन्होंने तीन तलाक के बहाने मुस्लिम महिलाओं को लेकर कुछ बातें जरूर कहीं।

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मुस्लिम समाज की बहन-बेटियां तीन तलाक के दबाव और डर में जीती हैं। इस तीन तलाक की वजह से देश की मुस्लिम म​हिलाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। उन्होंने कि मुस्लिम बहन-बेटियों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने के लिए हमने संसद सत्र में बिल लाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के चलते यह बिल पास नहीं हो रहा है। लेकिन उनकी मांग को पूरा करने की ​कोशिश करूंगा, इस बात का पूरा भरोसा रखें।

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2017 को भी लाल किले की प्राचीर से जिक्र करते हुए कहा था कि तीन तलाक की वजह से देश की मुस्लिम माताओं-बहनों ने काफी मुश्किलें सही हैं। पूरे देश में तीन तलाक के विरूद्ध एक महौल बना है। हमें इन्हें न्याय दिलाना है, पूरा भारत इनके साथ मजबूती से खड़ा है।

गौरतलब है कि देश में मुस्लिम समाज के लोग गाय के नाम पर कई जगह मॉब लिंचिग के शिकार बने हैं। लेकिन पीएम मोदी ने 72 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए अपने भाषण में एक बार भी मुसलमानों से जुड़े खास मुद्दों तथा मॉब लिंचिंग का जिक्र नहीं किया। उनके भाषण से यह स्पष्ट हो चुका है कि नरेंद्र मोदी सरकार तीन तलाक को विशेष मुद्दा बनाकर मतों का ध्रुवीकरण करना चाहती है, जिससे कि साल 2019 लोकसभा चुनाव में इसका राजनीतिक लाभ लिया जा सके।

Facebook Comments