कटाक्ष : PM मोदी ने रवांडा में ग्रामीणों को दान में दी 200 गायें

दक्षिण अफ्रीका के देश रवांडा दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां 200 परिवारों को गाय तोहफे में दी हैं। ये गायें रवांडा सरकार के गिरिंका प्रोग्राम के तहत बुगेरेसा में मॉडल गांव रेवरु में दी गई। पूरी दुनिया में भारत सरकार के रवांडा को गाय देने की चर्चा हो रही है।

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यह है गाय देने के मुख्य कारण
दरअसल रवांडा को गाय देने के पीछे का मुख्य कारण भी पता लग गया है। दरअसल रवांडा सरकार की ओर से चलाई जा रही है एक योजना है जिसका नाम ‘गिरिंका’ है। इस योजना के तहत सरकार वहां पर कुपोषण दूर करने के लिए 3.50 लाख गांवों को गाय देगी और फिर उसके पैदा हुई एक बछिया को वह अपने पड़ोसी को देगा। इस योजना का मकसद इन गायों के दूध पीकर बच्चों का कुपोषण दूर किया जायेगा साथ ही दूग्ध उद्योग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बता दें कि ‘गिरिंका’ गरीबी उन्मूलन के लिए रंवाडा की सरकार का एक अहम कार्यक्रम है।

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विदेश मंत्रालय ने किया ट्वीट
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, रवांडा के आर्थिक विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी परियोजना का हिस्सा बना! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवेरू गांव में गिरिनका- एक गाय प्रति गरीब परिवार कार्यक्रम के तहत 200 गायें दान में दी। गिरिनका एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो गरीबों को पोषण और वित्तीय सुरक्षा दोनों ही मुहैया करता है।

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पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं भारतवंशी: मोदी  
इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतवंशी पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं और वे भारत के ‘ राष्ट्रदूत ’ हैं। मोदी ने कहा, ‘‘ रवांडा में भारतीय समुदाय से बातचीत करके मुझे खुशी हो रही है। राष्ट्रपति पॉल कागमे ने मुझसे कहा कि भारतीय समुदाय रवांडा के विकास में योगदान कर रहा है और वह बड़े पैमाने पर समाज सेवा करते हैं। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई।’’   मोदी ने कहा , ‘‘ भारतवंशी पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। वे हमारे ‘‘ राष्ट्रदूत ’’ हैं। ’’ प्रधानमंत्री ने अपने दो दिवसीय रवांडा दौरे की शुरुआत कल की थी। मोदी यहां आने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। रवांडा अफ्रीका महाद्वीप में सबसे तेजी से विकसित हो रहा देश है। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा , ‘‘ वर्षों से भारतीय समुदाय रवांडा में उच्च आयोग की स्थापना चाहता था। लंबे समय से की जा रही यह मांग पूरी की जाएगी ताकी आप भारत के साथ और जुड़ सकें।’’

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