पीएम ऑफिस की 31 कार बेंच देंगे इमरान, कहा- कर्ज मांगने वालों की नहीं होती इज्जत

पाकिस्तान के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री ने अपने पहले स्पीच में कहा कि वह प्रधानमंत्री भवन में नहीं रहेंगे। इस भवन में यूनिवर्सिटी बनाएंगे। पाकिस्तान गरीब देश है। हम पर कर्ज का बोझ लदा है। ऐसे में शासन वर्ग के लोग विलासिता का जीवन जिए तो यह शर्म की बात है। पाकिस्तान को आज कर्ज के सूद चुकाने के लिए कर्ज मांगना पड़ रहा है। कोई कर्ज मांगने वाले को इज्जत नहीं देता। प्रधानमंत्री के लिए 33 बुलेट प्रूफ कारें हैं। मैं इनमें से सिर्फ दो को अपने लिए रखूंगा। बाकी कारें ऑक्शन कर बेंच दी जाएंगी।

पीएम ऑफिस की 31 कार बेंच देंगे इमरान, कहा- कर्ज मांगने वालों की नहीं होती इज्जत

शपथ ग्रहण के बाद पहली बार देश को संबोधित करते इमरान खान। फोटो- गूगल

कर्ज के बोझ से दबा है पाकिस्तान

इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में कभी ऐसा आर्थिक संकट नहीं था। पाकिस्तान पर 28 हजार अरब रुपए का कर्ज है। 10 साल पहले हम पर 6 हजार अरब रुपए का कर्ज था। 2013 में यह कर्ज बढ़कर 15 हजार अरब हो गया। आज हमारे हालात ऐसे हैं कि कर्ज के ऊपर जो सूद दे रहे हैं उसके लिए भी कर्जे लेना पड़ता है। 2018 में हर माह दो अरब डॉलर का कर्ज लेना पड़ा।

इमरान खान नया पाकिस्तान बनाने का वादा कर सत्ता में आए हैं। फोटो- गूगल

अपने लिए रखूंगा सिर्फ दो कर्मचारी

इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के पीएम के 524 कर्मचारी हैं। पीएम के लिए 80 कारें हैं। 33 बुलेटप्रूफ कारें हैं। एक-एक बुलेटप्रूफ कार की कीमत पांच करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसके अलावा हेलिकॉप्टर और जहाज हैं। एक तरफ लोगों पर खर्च करने को पैसे नहीं हैं दूसरी तरफ शासन करने वाला तबका शाही तरीके से रहता है। मैं पीएम हाउस में एक उच्च दर्जे की यूनिवर्सिटी बनाऊंगा। उसमें रिसर्च वर्क होगा। हम सरकार के खर्च कम करेंगे। मैं अपने लिए सिर्फ दो कर्मचारी रखूंगा।

इमरान गरीबों के लिए काम करने की बात कहते हैं। फोटो- गूगल

कर्ज मांगने में आती है शर्म

यह हमारी बहुत बुरी आदत है कि दूसरे देश से मिले कर्ज और दान के पैसे पर गुजारा करते रहे हैं। किसी को बुरा नहीं लगता है कि हम दूसरे देशों से पैसे मांगते फिरते हैं। आपको पता ही है कि अब हमें आईएमएफ से कर्जे लेने हैं। कोई देश ऐसे तरक्की नहीं करता। हमें अपने पैर पर खड़ा होना है। कर्ज लेकर हम गुजारा नहीं कर सकते। वैसे भी हमें कोई कर्जा देने को तैयार नहीं है। जो कर्ज देता है वो आपकी आजादी ले जाता है। आपकी इज्जत चली जाती है। मैं दूसरे देश जाकर किसी से पैसे मांगूंगा तो बहुत बुरा लगेगा। जब पीएम पैसे मांगता है तो पूरे देश की इज्जत चली जाती है। दुनिया उसकी इज्जत करती है जो अपनी इज्जत करता है। मैं जब दूसरे देश में जाता हूं तो देखता हूं कि पाकिस्तानियों को अलग लाइन में खड़ा कर देते हैं। यह हमारे लिए बहुत शर्म की बात है। हम हाथ फैलाकर दुनिया के सामने फिरते हैं। यह हमारा कसूर है।

Facebook Comments