पीएम के विदेश दौरे पर उद्धव ठाकरे का निशाना, बोवैश्विक स्तर पर कमजोर रुख तथा स्थानीय आभूषण निर्माताओं की कमजोर मांग से सोने का भाव 50 रुपये टूटकर 30,840 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. हालांकि, औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं की छिटपुट पूछताछ से चांदी की कीमत 5 रुपये बढ़कर 39,325 रुपये किलो हो गई. कारोबारियों के अनुसार डालर के मजबूत होने तथा फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में वृद्धि की आशा में अमेरिकी ट्रेजरी रिटर्न में वृद्धि के साथ सोने को लेकर वैश्विक रुख कमजोर बना हुआ है. ग्लोबल बाजार में भी गिरा सोना वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.27 प्रतिशत गिरकर 1,220.70 डालर प्रति औंस तथा चांदी का भाव 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15.32 डालर प्रति औंस रहा. इसके अलावा, स्थानीय जौहरियों तथा खुदरा व्यापारियों की मांग में गिरावट से घरेलू हाजिर बाजार में सोने की कीमत नीचे आई. सस्ता हुआ सोना राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 50-50 रुपए गिरकर क्रमश: 30,840 रुपए और 30,690 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा. सोने में कल 80 रुपए की गिरावट आई थी. हालांकि, गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति इकाई आठ ग्राम पर यथावत रहा. चांदी में आई तेजी दूसरी तरफ चांदी तैयार की कीमत 5 रुपये बढ़कर 39,325 रुपये किलो तथा साप्ताहिक आधार पर डिलीवरी 20 रुपये बढ़कर 38,390 रुपये किलो रही. चांदी सिक्के का भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई पर स्थिर रहा ले-अपना देश छोड़कर दूसरे देशों की चिंता में मोदी

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर भी प्रहार किया और कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि उसका ध्यान बस दूसरे देशों पर ही है. इसके साथ ही ठाकरे ने दावा किया कि यदि उनकी पार्टी ने 2014 में बीजेपी का समर्थन न किया होता तो वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए विपक्षी कांग्रेस और राकांपा को तोड़ने समेत सारी तरकीबें अपनाती.

अपने सहयोगी दल पर फिर प्रहार करते हुए ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने देश के लोगों के साथ धोखा किया जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे वोट दिया. उन्होंने कांग्रेस और पिछली यूपीए सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने को लेकर भी बीजेपी पर प्रहार किया और कहा कि यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो ‘दूसरों पर बस कीचड़ उछालने’ के बजाय उसे साबित भी किया जाना चाहिए.

ठाकरे ने साधा बीजेपी पर निशाना
ठाकरे ने कहा, ‘यदि हमने सरकार में भागीदारी नहीं की होती तो बीजेपी जिस तरह हर तरीकों का इस्तेमाल कर राज्यों को जीतती जा रही है…जैसे इसने त्रिपुरा में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को तोड़ दिया, उसी तरह यह महाराष्ट्र में सत्ता में आने के लिए कांग्रेस और राकांपा को तोड़ देती.’

उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र सामना में साक्षात्कार के दूसरे हिस्से में कहा, ‘ऐसा होने देने की जगह मैंने अपने लोगों को सरकार में काम करने का अनुभव लेने की अनुमति दी.’ शिवसेना राज्य और केंद्र में बीजेपी नीत सरकारों में घटक दल है.

यह पूछे जाने पर कि उन्हें महाराष्ट्र में चार साल तक सत्ता में रहने से क्या मिला, ठाकरे ने कहा कि सरकार में शिवसेना के मंत्रियों को प्रशासनिक कार्य का अनुभव मिला.उन्होंने कहा, ‘एक तरह से यह सरकार चलाने का अभ्यास है. क्या किया जाना चाहिए, क्या नहीं किया जाना चाहिए. इसके साथ ही यह भी कि योजनाओं को किस तरह क्रियान्वित किया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने शिवसेना को छोड़कर बाकी सभी दलों की सरकारों का अनुभव किया है.

ठाकरे ने कहा, ‘सत्ता तब (शिवसेना के हाथों में) आएगी जब लोग ऐसा फैसला करेंगे. लोग अब तक सभी अन्य दलों को देख चुके हैं, लेकिन उन्होंने केवल शिवसेना को ही सत्ता में नहीं देखा है. इसीलिए मैंने अपने लोगों को सत्ता में रहने का अनुभव लेने दिया.’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक दिवंगल बाल ठाकरे ने अपनी पार्टी बनाने के लिए कभी किसी पार्टी को नहीं तोड़ा.

उन्होंने कहा, ‘यह शिवसेना के रुप में गठित हुई थी और अब भी वही है. उसने (शिवसेना ने) कभी अपना नाम, अपने नेता और निशान नहीं बदले. शिवसेना को बनाने के लिए किसी अन्य दल को नहीं तोड़ा गया.’

2जी घोटाले का क्या हुआ ?
भ्रष्टाचार के मुद्दे की ओर उन्मुख होते हुए शिवसेना नेता ने जानना चाहा कि 2जी घोटाले का क्या हुआ जिसकी चर्चा न सिर्फ देश में, बल्कि दुनिया में हुई थी. उन्होंने कहा, ‘उस समय (जब घोटाला सामने आया) देश की छवि इतने निम्न स्तर पर पहुंच गई थी कि ऐसा लगता था कि भारत जैसा भ्रष्ट कोई और देश नहीं है.’

शिवसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘परिणाम यह हुआ कि सरकार बदल गई, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों में कुछ नहीं हुआ. यहां तक कि आज भी, आप (बीजेपी) करीब 60 साल के भ्रष्टाचार की बात करते हैं, लेकिन अब तक साबित कुछ भी नहीं हुआ है.’ उन्होंने तंज कसा, ‘यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो इसे साबित कीजिए. अपने हाथों में कमल उठाकर दूसरों पर कीचड़ उछालना और भाग जाना अनुचित है.’

ठाकरे ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि आजकल जब कोई काम करता है तो उसे ‘भ्रष्ट’ करार दे दिया जाता है और यदि कोई काम नहीं करता है तो उसे ‘अक्षम’ करार दे दिया जाता है.

साक्षात्कार के पहले हिस्से में कल ठाकरे ने देश में भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीटकर की जा रही हत्याओं के मुद्दे पर बीजेपी नीत सरकार पर हमला बोला और कहा कि देश में महिलाओं से ज्यादा गाय सुरक्षित हैं.

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