दिल्लीवालों की सेहत के लिए खतरा बना बारिश का पानी

बरसात के पानी की निकासी का पुख्ता इंतजाम नहीं होने का दुष्प्रभाव दिल्ली के लोग पिछले दिनों झेल चुके हैं। यदि जलभराव की यही स्थिति रही तो यह लोगों की सहत पर भी भारी पड़ेगा। ऐसे में जगह-जगह जल भराव से भारी मात्रा में डेंगू व चिकनगुनिया के मच्छरों के पैदा होने की आशंका है। इस कारण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया की बीमारी ज्यादा बढ़ेगी।

निगम के आंकड़े भी बताते हैं कि जुलाई से डेंगू व चिकनगुनिया के मामले बढ़ने शुरू होते हैं। इसके बाद अगस्त, सितंबर व अक्टूबर में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। नवंबर तक इन बीमारियों का प्रकोप बरकरार रहता है। यदि कहीं पानी जमा हो तो तीन से चार दिन में लार्वा बन जाता है और करीब 10 दिनों में डेंगू के मच्छर तैयार हो जाते हैं।

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय लेखी ने कहा कि दिक्कत यह है कि गड्ढों में भरा पानी यदि तीन से चार दिन में नहीं निकाला जाए उनमें मच्छरों को पनपने का पूरा अवसर मिल जाता है। इसलिए जरूरी है कि सड़क पर या पार्को में भी कहीं पानी जमा होने न दिया जाए। दिल्ली में डेंगू के अभी तक करीब 62 मामले सामने आ चुके हैं। चिकनगुनिया के 25 व मलेरिया के 122 मामले सामने आ चुके हैं।

डेंगू-मलेरिया को लेकर एनसीआर के शहरों में चिंता बढ़ गई है। इसी को लेकर मंगलवार को एनसीआर के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक दिल्ली में हुई। बैठक में केंद्र व दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा, गाजियाबाद व अन्य शहरों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बताया गया है कि दिल्ली में हुई बैठक में केंद्र सरकार स्वास्थ्य मंत्रलय के अधिकारियों ने आदेश दिए हैं कि डेंगू – मलेरिया मच्छर पैदा होने से रोकने के लिए हर हाल में जमीनी स्तर पर काम किया जाना चाहिए। कागजों पर खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। डेंगू मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। मलेरिया का मच्छर गंदे पानी में। हमें अपने घर में ध्यान रखने के साथ गली व आस पास खाली प्लॉट, में बारिश का पानी जमा न होने दें।

गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 36 स्थानों पर लार्वा की जांच की। वसुंधरा में दो पौधों की नर्सरी, अस्पताल व होटल शामिल हैं। विभाग ने सभी को नोटिस जारी करते हुए जलभराव समाप्त करने को कहा है। संक्रामक रोगों से लोगों को बचाने के लिए दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन के साथ एनसीआर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसके बाद वसुंधरा में लक्ष्मी नर्सरी और योगेंद्र नर्सरी में रखी पानी ही हौदी में डेंगू का लार्वा पाया गया। इसके अलावा मोहन नगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल और हिंडन मोर्टल में भी लार्वा पाया गया।

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