31 घंटे बाद मौत को मात देकर बोरवेल से निकल आई सना, रेस्क्यू ऑपरेशन सफल

बिहार के मुंगेर जिले में मासूम सना जब 110 फीट गहरे बोरवेल से रात लगभग 9.40 बजे महफूज निकली, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिंदगी और मौत की जद्दोजहद में जीत आखिरकार जिंदगी की हुई और 31 घंटे से ज्यादा समय तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन कामयाब रहा। राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) और सेना ने सना को सही-सलामत बोरवेल से बाहर निकाल लिया। बच्ची को फिलहाल इलाज के लिए ऐम्बुलेंस से मुंगेर के सिविल अस्पताल लाया गया है। रेस्क्यू के दौरान बच्ची का पैर फंसा होने की वजह से उसे सुरक्षित निकालने में थोड़ी देरी हुई।

31 घंटे बाद बोरवेल से निकाली गई सना
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गुजरते वक्त के साथ ही बच्ची के परिजनों की उम्मीदें टूट रही थीं लेकिन 31 घंटे की मशक्कत के बाद सना को आखिरकार बोरवेल से सुरक्षित निकाल लिया गया। एक मां की आस ने मासूम सना की सांसों को थमने नहीं दिया और मौत को मात देते हुए वह बोरवेल से सुरक्षित निकल आई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ ही सेना के जवानों ने भी जीतोड़ मेहनत की।

मुंगेर के एसपी गौरव मंगला ने जानकारी दी कि बोरवेल से निकाले जाने से पहले बच्ची ने कुछ खाया और पानी भी पिया। सना को निकालने के लिए सुरंग खोदनी पड़ी। सना के करीब पहुंचने के बाद बचाव दल के सदस्यों ने उसे पीने के लिए पानी और चॉकलेट दिया। वहीं बच्ची की आंखों को धूल-मिट्टी से बचाने के लिए एक चश्मा भी भेजा गया।

बारिश होने की वजह से राहत कार्य के दौरान थोड़ी मुश्किल भी हुई। बच्ची की सेहत पर नजर रखने के लिए ऐम्बुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर मौजूद थी। सना के माता-पिता को पहले ही ऐम्बुलेंस में बिठाकर रखा गया। मुंगेर जिला अस्पताल के आईसीयू में भी बच्ची के इलाज के लिए पूरी तैयारी की गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अपनी पैनी नजर बनाए रहे।

45 फीट पर फंसी थी मासूम सना
बुधवार रात को मां और लोगों की दुआओं के साथ ही राहतकर्मियों का कठिन परिश्रम रंग लाया। बच्ची की सलामती के लिए कई स्कूलों में मंगलवार से ही दुआओं का दौर भी चल रहा था। जब सना बोरवेल से बाहर निकली तो हर किसी के लिए इस पर यकीन करना मुश्किल था। इससे पहले सीसीटीवी फुटेज में सना का केवल हाथ दिख रहा था। बोरवेल में पाइप के जरिए ऑक्सिजन पहुंचाने के साथ ही सना को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि तकरीबन 45 फीट पर बच्ची फंसी हुई थी। बच्ची तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू के दौरान खुदाई करके सुरंग का निर्माण किया गया।

खेलते समय 110 फीट गहरे बोरवेल में गिरी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंगेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में मुर्गियाचक मोहल्ले में मंगलवार दोपहर तकरीबन तीन बजे खेलते समय सना 110 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। परिजनों की सूचना पर स्थानीय लोगों की मदद से पहले बच्ची को निकालने की काफी कोशिश की गई। कोई सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना दी। इसके बाद सना को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इसमें सेना और एनडीआरएफ के जवानों की भी लगातार मदद ली गई।

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