रोमांचक मोड़ पर मैच, जीत के लिए भारत को चाहिए 84 रन

विराट कोहली ने लगातार दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजी को पार लगाने की जिम्मेदारी उठाकर शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट क्रिकेट मैच जीत की उम्मीदों को बरकरार रखा। भारत ने 194 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक पांच विकेट पर 110 रन बनाये। कोहली को छोड़कर अन्य बल्लेबाज फिर से नाकाम रहे। भारतीय कप्तान अब भी 43 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं जबकि टीम लक्ष्य से 84 रन पीछे है। कोहली ने पहली पारी में 149 रन बनाये थे।

इससे पहले इशांत शर्मा (51 रन देकर पांच विकेट) ने इंग्लैंड के मध्यक्रम को झकझोर कर उसकी टीम को दूसरी पारी में 180 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभायी। इशांत के अलावा रविचंद्रन अश्विन ने 59 रन देकर तीन विकेट और उमेश यादव ने 20 रन देकर दो विकेट लिये। इंग्लैंड का स्कोर एक समय सात विकेट पर 87 रन था लेकिन 20 वर्षीय आलराउंडर सैम कुरेन ने 65 गेंदों पर 63 रन की पारी खेली जिससे उनकी टीम भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रही।

मुरली विजय (छह) और शिखर धवन (13) फिर से टीम को अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे। स्टुअर्ट ब्राड (29 रन देकर दो) ने इन दोनों को आठ ओवर के अंदर पवेलियन भेज दिया था। शुरू में जीवनदान पाने वाले विजय पगबाधा आउट हुए जबकि धवन ने ढीला शॉट खेलकर विकेट के पीछे कैच दिया। केएल राहुल (13) शुरू से ही बाहर जाती गेंदों से जूझ रहे थे। उन्होंने बेन स्टोक्स की गुडलेंथ गेंद पर जॉनी बेयरस्टॉ को आसान कैच दिया। अंजिक्य रहाणे (दो) भी नहीं चल पाये। बेयरस्टॉ ने कुरेन की गेंद पर उनका नीचा रहता हुआ कैच लपका।

कोहली ने पहली पारी की तरह एक छोर संभाले रखा लेकिन इस बार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया तथा अश्विन (13) को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये भेजा गया। उन्होंने तीन चौके लगाये लेकिन जेम्स एंडरसन की खूबसूरत गेंद उनके बल्ले को चूमकर विकेटकीपर के दस्तानों में समा गयी।

कोहली ने दूसरे छोर से शांतचित होकर बल्लेबाजी की और रन बनाने के लिये ढीली गेंदों का इंतजार किया। दिनेश कार्तिक (नाबाद 18) ने पिछली पारी की भरपायी करने की अब तक पूरी कोशिश की है। कोहली और कार्तिक ने छठे विकेट के लिये 32 रन जोड़े हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने सुबह एक विकेट पर नौ रन से अपनी पारी आगे बढ़ायी लेकिन कल शाम को एलिस्टेयर कुक (शून्य) को आउट करने वाले अश्विन ने पारी के आठवें के ओवर में कीटोन जेनिंग्स (आठ) को लेग स्लिप में के एल राहुल के हाथों कैच कराया।

अब कप्तान जो रूट (14) पर जिम्मेदारी थी लेकिन अश्विन ने जल्द ही भारत को उनका कीमती विकेट भी दिलवा दिया। राहुल ने फिर से एक अच्छा कैच लपका। स्थिति और खराब हो सकती थी अगर बेयरस्टॉ (28) का पहला शाट ही राहुल लपक लेते। डेविड मलान (18) को भी धवन ने इशांत की गेंद पर जीवनदान दिया। इसके बाद हालांकि इशांत ने इंगलैंड को लगातार झटके दिये।

रहाणे ने 27वें ओवर में मलान को चौथी स्लिप में कैच किया। इसके बाद लंच से पहले के आखिरी ओवर में इशांत ने दो विकेट लिये। बेयरस्टॉ ने पहली स्लिप में कैच थमाया जबकि स्टोक्स (छह) तीसरी स्लिप में कैच देकर पवेलियन लौटे। ये तीनों तीन गेंद के अंदर पवेलियन लौटे। लंच के बाद इंशात ने जोस बटलर (एक) को नहीं टिकने दिया। कुरेन और आदिल राशिद (16) ने आठवें विकेट के लिये 48 रन जोड़े। यह तीसरे दिन एकमात्र समय रहा जबकि इंग्लैंड के बल्लेबाज सहज दिख रहे थे। इस बीच धवन ने स्लिप में राशिद का कैच छोड़ा। इस बीच घने बादल छाने के कारण रोशनी कम हो गयी और खेल रोकना पड़ा।

बारिश नहीं आयी और जल्द ही खेल शुरू हो गया। उमेश ने राशिद का आफ स्टंप उखाड़ा। पारी का अंत नजदीक देखते हुए कुरेन ने आक्रामक रवैया अपनाया तथा इशांत और अश्विन दोनों पर छक्के जमाये तथा अपना पहला टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने ब्राड (11) और एंडरसन (नाबाद शून्य) को भी बचाने की कोशिश की लेकिन इशांत इंग्लैंड की पारी समेटने में सफल रहे।

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