राष्ट्रीय : अन्ना की हुंकार, फिर चित होगी सरकार

मोदी सरकार को एक बार फिर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है. आज ही अन्ना हजारे ने हुंकार भरते हुए कहा है कि केंद्र में लोकपाल की नियुक्ति में विलंब के विरोध में वे गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को भूख हड़ताल करेंगे. एक बार फिर अन्ना ने मोदी सरकार की नींदें उड़ा दी है. इस दौरान अन्ना हजारे ने बड़ी संख्या में लोगों को उनके इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की है.

अन्ना हजारे का कहना है वह अपने गांव रालेगण सिद्धि में दो अक्टूबर, महात्मा गांधी की जयंती से भूख हड़ताल का आगाज करेंगे. यह पहला मौका नहीं है, जब अन्ना भूख हड़ताल करेंगे इससे पहले भी कई बार आंदोलन और हड़ताल कर चुके है. कांग्रेस की सरकार में साल 2011 में अन्ना ने 12 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. जहां देशभर में उनके आंदोलन को जबरदस्त समर्थन मिला था. इसके बाद संप्रग सरकार ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया था.

अन्ना ने इसी वर्ष मार्च के अंतिम दिनों में भी 5 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. जहां उनकी कई मांगो को पूरा करने को लेकर मोदी सरकार ने उन्हें भरोसा दिलवाया था. बता दे कि इससे पूर्व अन्ना हजारे बीते दिनों भूख हड़ताल के संबंध में पीएम मोदी को एक पत्र भी लिख चुके है. जिसकी कॉपी उन्होंने महाराष्ट्र राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस को भी भेजी हैं.

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