तेजप्रताप के तलाक विवाद ने महागठबंधन में सीट शेयरिंग को छोड़ा पीछे

राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के तलाक विवाद ने न सिर्फ पार्टी के पहले परिवार को संकट में ला दिया है, बल्कि इसका असर 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे पर भी पड़ रहा है।

महागठबंधन के कुछ नेताओं ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि 2 नवंबर को तेजप्रताप की तरफ से तलाक के लिए अर्जी देने के बाद से सीटों पर बंटवारे को लेकर सहयोगी दल आरजेडी, कांग्रेस और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) के बीच कोई बातचीत ही नहीं हो पाई है।

तलाक विवाद सुलझाने में व्यस्त है आरजेडी के बड़े नेता

उन्होंने बताया कि तेजप्रताप के भाई और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत आरजेडी के शीर्ष स्तरीय नेता पार्टी के पहले परिवार में तलाक विवाद और बिहार के पूर्व मंत्री की तरफ से छह महीने पुरानी ऐश्वर्या के साथ हुई शादी के बाद तेजप्रताप के तलाक पर अड़े रहने को लेकर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

एक हफ्ते से सीट शेयरिंग पर नहीं हुई चर्चा

जिसका नतीजा ये हुआ कि नवंबर के पहले हफ्ते में सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन के सहयोगियों और लेफ्ट पार्टियों के बीच समन्वय समिति बनाने का मामला टल गया। महागठबंधन के एक सीनियर नेता ने बताया- “पिछले एक हफ्ते के दौरान सीटों के बंटवारे को लेकर कोई बात नहीं हुई। तलाक विवाद ने महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के मामले को पीछे धकेल दिया है।”

कई वजहों से हुई शीट शेयरिंग बातचीत में देरी

उन्होंने बताया कि सीट को लेकर काम कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। लेकिन तेजस्वी के अक्टूबर को मध्य तक चले ‘संविधान बचाओ न्याय यात्रा’ समेत कई वजहों से सिरे नहीं चढ़ पाया। महागठबंधन सूत्रों ने कहा- पिछले कुछ महीनों के दौरान महागठबंधन के नेताओं में बातचीत हो जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और अब लोकसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है।

हालांकि, शनिवार को रांची के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती पिता से तेजस्वी से की मुलाकात को राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। ऐसी कयास लगाई जा रही है कि तेजस्वी ने अपने बीमार पिता से न सिर्फ उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना बल्कि उन्होंने महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा की। लोकतांत्रिक जनता दल चीफ शरद यादव समेत कई नेताओं को लालू ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान मिलने के लिए बुलाया जिसे सीट बंटवारे की वार्ता को तेज करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 

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