केरल बाढ़ पीडितों के लिए 700 करोड़ की पेशकश को यूएई ने किया खारिज, कहा- ये झूठ है हम खुद गरीब हैं

केरल बाढ़ राहत के लिए केन्द्र की तरफ से विदेशी फंड नहीं लेने के फैसले पर विवाद के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि बाढ़ग्रस्त केरल को वित्तीय सहायता देने के लिए उन्होंने कोई विशेष पैकेज का ऐलान नहीं किया था। यूएई के राजदूत अहमत अल्बन्नाम ने बिना वित्तीय सहायता की जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने एक राष्ट्रीय आपदा समिति बनाई है ताकि केरल में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सहायता दी जा सके।
उधर, केरल में जन-जीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए यूएई की ओर से आर्थिक सहायता के प्रस्ताव को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं है और उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र 700 करोड़ रुपये की “पेशकश” को स्वीकार करेगा।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, विजयन ने कहा कि एनआरआई कारोबारी एम ए यूसुफ अली ने उनको इस अनुदान के बारे में सूचित किया था। बाढ़ के बाद की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए एक बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने जब उनसे पूछा कि क्या मैं इसे सार्वजनिक कर सकता हूं, तो उन्होंने कहा था कि इसमें कोई समस्या नहीं है।” विजयन ने कहा कि अली को यूएई की आर्थिक मदद के बारे में जानकारी उस वक्त दी गई जब वह बकरीद की बधाई देने के लिए शाहजादे से मिले।

उन्होंने कहा कि सहायता को स्वीकार करने या नहीं करने का फैसला केंद्र सरकार लेगी। विजयन ने इस मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, “मुझे उम्मीद है कि इसे स्वीकार कर लिया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आर्थिक सहायता के बारे में 21 अगस्त को जो कहा था उसी पर कायम हैं और कहा कि इस मामले पर यूएई के शाहजादे शेख मोहम्मद बिन सैयद अल नाहयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों ने अनुदान मुद्दे की जानकारी दुनिया को दी।

यूएई अनुदान के मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी जहां एक ओर केंद्र ने राहत कार्यों के लिए विदेशी चंदा लेने से इंकार कर दिया था वहीं दूसरी ओर केरल में माकपा नीत एलडीएफ और कांग्रेस सरकार के इस कदम के खिलाफ उतर आए थे। संयुक्त अरब अमीरात दूतावास के अधिकारियों ने आज यहां कहा कि बाढ़ ग्रस्त केरल की आर्थिक सहायता के लिये कोई रकम अभी तय नहीं की गई है और सहायता के लिये सरकार की तरफ से कोई घोषणा अब तक नहीं की गई है।

यूएई के राजदूत अहमद अलबन्नम ने वित्तीय सहायता का जिक्र किये बिना कहा कि उनकी सरकार ने केरल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सहायता देने के लिये सिर्फ एक राष्ट्रीय आपातकालीन समिति का गठन किया है। एक अधिकारी ने कहा कि यूएई आने वाले कुछ दिनों में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिये कोई योजना तैयार कर सकता है।

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इससे पहले इस हफ्ते कहा था कि यूएई ने खाड़ी देश के साथ केरल के खास रिश्ते को देखते हुए 700 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक तीस लाख भारतीय यूएई में रहते और नौकरी करते हैं जिसमें से 80 प्रतिशत केरल के लोग हैं। विजयन ने बारिश और भूस्खलन के कारण आई बर्बादी का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि शुरुआती आकलन में राज्य को करीब 20,000 रुपये का नुकसान हुआ है।

फसलों के त्योहार ओणम को हर साल राज्य में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता रहा है लेकिन बारिश एवं बाढ़ से बर्बाद हुए केरल में इस साल ओणम नहीं मनाया जाएगा। लाखों लोग भले ही अपने घर लौट आए हों लेकिन 8.69 लाख से ज्यादा लोग अब भी 2287 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

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