किया था 7 महीने की बच्ची से रेप, Pocso Act में संशोधन के बाद पहली फांसी

राजस्थान में अलवर की एक अदालत ने सात महीने की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार करने वाले को आज फांसी की सजा सुनाई है। अलवर की विशिष्ट न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने आरोपी लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के हरसाना निवासी पिंटू (19) को यह सजा सुनाई। राजस्थान में यह पहला मामला है जिसमें पॉक्सो एक्ट के तहत इतने कम समय में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

बता दें कि 18 जुलाई को अदालत ने इस मामले में पिंटू को दोषी ठहराया था और शनिवार को सजा सुनाने का फैसला किया था। मामले के अनुसार दस मई को दर्ज इस मामले में अदालत ने मुकदमे के मामले में रोज सुनवाई की। अदालत ने 22 अदालती कार्य दिवसों में 13 पेशियां लगाते हुए अंतिम बहस सुनने के बाद 18 जुलाई को फैसले की तारीख तय की थी और आज इस मामले की सुनवाई करते हुए आदलत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी ही सजा सुना दी।

ये पूरी घटना 9 मई की है। पीड़ित बच्ची की मां एक रिश्तेदार के पास मासूम को छोड़कर चली गई थी। जब उसने वापस आकर बच्ची के बारे में पूछा तो रिश्तेदार ने बताया कि उसे कोई पड़ोसी ले गया है। काफी देर बाद जब बच्ची वापस नहीं आई तो उसे ढूंढा गया। बच्ची फुटबॉल के मैदान में रोती हुई पाई गई। उसके बाद मां-बाप बच्ची को वापस अपने घर लक्ष्मणगढ़ ले गए और तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पूरी कार्रवाई के दारौन मासूम करीब 20 दिन हॉस्पिटल में एडमिट भी रही।

मामले की जांच के जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की पकड़ लिया और मेडिकल टेस्क के बाद ये साबित हो गया कि बच्ची का रेप उसी ने किया था।  पुलिस ने बताया कि इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रेक में कोर्ट की गई और महज 13 सुनवाई में फैसला आ गया। पुलिस के मुताबिक राजस्थान में ये इतना जल्दी फांसी की सजा का ये पहले केस और देश में तीसरा।

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