ये शर्मनाक नहीं तो क्या है, आजादी के 71 साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग में ना के बराबर सुधार

हमारा देश विकसित होने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा हैं लेकिन फिर भी अब भी कई ऐसी सेवाएं हैं जो ग्रामीण या गरीब लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं. चाहे स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं की बात हो या फिर शिक्षा, भोजन या आवास सेवाओं को अब तक ये मूलभूत आवश्यकताएं कुछ जगह तक नहीं पहुंच पाई हैं. हमारे संविधान में सभी नागरिकों को शिक्षा और स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवा प्रदान करने का भी प्रावधान हैं लेकिन आज तक हमारा देश इस लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया है. ऐसी सेवाओं के आभाव में लोगों को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता हैं. आज हम आपको भारत की स्वास्थ्य चिंताएं और उसके निष्कर्ष के बारे में बता रहे हैं-

हमारे देश में 5.8 प्रतिशत लोग हृदय और फेफड़े से सम्बंधित बिमारी से पीड़ित हैं. लगभग हर चौथा भारतीय इन बिमारियों के कारण 70 की उम्र तक आते-आते मर जाता है.

-शहर के मुकाबले में गांव में लोगों की स्वास्थ्य सम्बन्धी स्थिती बहुत खराब है. शहर में तो बड़े प्राइवेट अस्पताल होते हैं जहां पर इलाज ठीक से हो जाता हैं लेकिन गांव में या उससे करीब सरकारी अस्पताल ही हैं जहां पर सेवाओं का आभाव हैं. ऐसे में लोग स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं.

-आज के समय में इलाज में होना वाला खर्चा बहुत ज्यादा बढ़ गया और हर साल करोड़ों लोग इलाज के चक्कर में निर्धनता का शिकार हो रहे हैं. ऐसे लोग जिन्हें आवश्यकता हैं उन तक सरकार से वित्तीय संरक्षण उपलब्ध नहीं हैं और अगर कुछ हैं भी तो वो उस तबके तक पहुंच नहीं पाता हैं.

ऐसे होगा समस्या का समाधान-

-अगर हमारे देश में स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को दूर करना हैं तो सबसे पहले देश में इसके लिए कई सिद्धांत लागू होने चाहिए.

-ये बात तो सभी को पता है कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से उभर रही है, लेकिन ऐसे में जब देशवासियों की स्थिती और उनके स्वास्थय की बात आती है तो इसमें देश पिछड़ जाता हैं क्योकि जब तक देश के लोग स्वस्थ नहीं होंगे तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकेगा.

-हमारे देश में स्वास्थ्य सम्बन्धी सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन बस इन सभी सुविधाओं का संचालन ठीक से नहीं हुआ है. इसलिए यदि इन सभी सेवाओं पर ध्यान देकर इसे लोगों तक पहुंचाया जाए तो धीरे-धीरे हमारे देश को इस समस्या से भी निजाद मिल जाएगा.

-देश में प्रौद्योगिकियों और ज्ञान के भंडार का उपयोग करके स्वास्थ्य सम्बन्धी सभी परेशानियों को खत्म किया जा सकता है.

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