अमावस्या की काली रात की वो अज्ञात बातें जो शायद ही आप जानते हो

आज (13 जून) ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है.शुक्ल पक्ष में चंद्र की कलाएं बढ़ती हैं यानी चंद्र बढ़ता है. कृष्ण पक्ष में चंद्र घटता है और अमावस्या पर पूरी तरह अदृश्य हो जाता है. लेकिन आप अमावस्या से जुड़ी कई बातों से अनजान हैं. आइये इसके बारे में जानिए अमावस्या से जुड़ी खास बातें –

1.ज्योतिष के अनुसार जिस दिन सूर्य और चंद्र एक साथ होते हैं, उस दिन अमावस्या होती है. आज 13 जून की सुबह सूर्य और चंद्र, दोनों एक साथ वृष राशि में स्थित हैं.13 जून की रात चंद्र मिथुन राशि में प्रवेश करेगा.

2.शास्त्रों में अमावस्या तिथि का स्वामी पितृदेव स्वरूप माना गया है. इसलिए इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, दान-पुण्य का महत्व बताया गया है.

3.अमावस्या पर सोमवार, मंगलवार और गुरुवार के साथ जब अनुराधा, विशाखा और स्वाति नक्षत्र का योग बनता है, तो यह बहुत पवित्र योग माना जाता है.

4.अमावस्या से पहले शनिवार और चतुर्दशी का योग भी विशेष फल देने वाला कहा गया है. जब ऐसा योग हो तो अमावस्या पर तीर्थ स्नान, जाप, तप और व्रत करने से ऋण और सभी पापों से मुक्ति मिलती है.

5.अमावस्या पर संयम से रहना चाहिए. इस रात में पूजा-पाठ, मंत्र साधना और तप करना चाहिए .

6.अमावस्या पर व्रत रखने वालों इस दिन सिर्फ दूध का सेवन कर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. आमतौर पर ये व्रत एक वर्ष तक किया जाता है. इससे तन, मन और धन की परेशानियां दूर हो सकती हैं.

7.कूर्म पुराण कहता है कि इस दिन शिवजी की आराधना के साथ व्रत किया करने से व्यक्ति गंभीर बीमारियों से और दुर्भाग्य से बचने की संभावना रहती है.

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