नौकरी के आभाव में 3 युवकों ने दी जान, तकरीबन 9 घंटों तक ट्रैक पर खड़े होकर किया इंतजार

Depressed due to unemployment, 3 jobless friends ‘commit suicide’ by jumping before train

इनमें गहरी दोस्ती थी। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले इन्होंने नौ घंटे ट्रैक पर गुज़ारे। हालांकि एक साथी इन्हें समझाता रहा लेकिन, दोस्तों को समझ नहीं आई।

अभिषेक, मनोज मीणा, सत्यनारायण, रितुराज उर्फ ऋषि मीणा जिनकी उम्र साल से 24 साल के बीच है। अलवर में इन चारों युवकों ने ट्रेन की समाने छलांग लगा दी। ट्रेन से टक्कर के बाद इनमें से 3 युवकों की चीथड़े ट्रैक से करीब 50-60 फीट दूर जाकर गिरे। मौके पर तीन युवकों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि नौकरी ना मिलने से परेशान छह दोस्त सुसाइड करने यहां पहुंचे, लेकिन दो दोस्तों ने छलांग नहीं लगाई। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मृतक छात्रों के दोस्त राहुल मीणा का कहना है कि शाम को करीब 6:30 बजे उसके पास सत्यनारायण उर्फ ड्यूटी का फोन आया और उसने शांतिकुंज आने के लिए बोला। वह अपने कमरे से पैदल चलकर शांतिकुंज रेलवे ट्रैक के पास पहुंचा, जहां मनोज, सत्यनारायण, रितुराज, अभिषेक और संतोष सिगरेट पीते हुए मिले। ज़िंदगी से ऊब चुके इन्होंने सुसाइड का प्लान बताया और थोड़ी देर बाद सुसाइड कर लिया। तीनों पढ़ाई और नौकरी करने गांव से अलवर शहर आए थे। जहां आसपास की कॉलोनी में कमरा किराया लेकर रह रहे थे। इनमें गहरी दोस्ती थी। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले इन्होंने नौ घंटे ट्रैक पर गुज़ारे। हालांकि एक साथी इन्हें समझाता रहा लेकिन, दोस्तों को समझ नहीं आई।

वहीं इस मामले में राजस्थान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अपनी संवेदना की व्यक्त करते हुए वसुंधरा सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने लिखा, ”बेहद दर्दनाक एवं हृदयविदारक समाचार के मुताबिक नौकरी नहीं मिलने के तनाव में 3 युवाओं ने इस रूप में अपना जीवन समाप्त कर लिया एवं एक युवक घायल है। पूरे मामले की विस्तृत जांच हो। इस दुखद समय में परिजनों की पीड़ा को समझ सकता हूँ, ईश्वर उन्हें सम्बल दें।” अशोक गहलोत पिछले 2 दिनों से जोधपुर में अपने चुनावी रैलियां संबोधित कर रहे हैं। आज अशोक गहलोत भोपालगढ़ तहसील की बावड़ी में अपनी सभा को संबोधित कर रहे थे, वहां से जब वह निकले तो उन्होंने दुर्घटना में मरने वाले तीनों युवकों के परिजनों से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि नवयुवक बेरोजगारी के चलते किस तरह ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे सकते हैं।

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