जानिए, आजादी के बाद से अबतक कितना बदल चुका है हमारा देश भारत

15 अगस्त 1947 के ही दिन हमारा देश अंग्रेजाें की सैंकड़ाें वर्ष की गुलामी से मुक्त हुआ। इस दिन काे हम स्वतंत्रता दिवस के रूप में बनाते हैं जाे हमारा एक राष्ट्रीय पर्व भी है। देश को आजादी मिले आज 71 साल हो गए हैं। स्वतंत्रता वर्ष से लेकर अबतक देश में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। सड़क, पानी, अस्पताल, शिक्षा से लेकर काफी चीजें बदली हैं। जिन चीजाें में हम पीछे हैं उसपर भी तेजी से काम हाे रहा है। आने वाले समय में हम दुनिया के सामने एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की काेशिश कर रहे हैं। आइए जानते हैं 1947 से लेकर अब तक हमारे देश में कितना बदलाव आया है।

राजनीति
भारत की राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले लोगों में राजनीति को लेकर अत्यधिक रूचि नहीं होती थी, लेकिन अब युवाओं से लेकर बुर्जुंगों तक इसमें जाने की लालसा है। भारत के पहले लोकसभा चुनाव 489 सीटों पर हुए थे और अब लोकसभा सीट 545 हैं। वहीं राज्यसभा में उस वक्त 216 सदस्य थे और अब 245 हैं।

महंगाई
15 अगस्त 1947 को भारत का एक रुपया एक डॉलर के बराबर था, जो कि अब 69 रुपए तक पहुंच गया है। हालांकि आजादी के वक्त भारत का निर्यात और आयात ना के बराबर था, इसलिए इसकी पुष्टि करना मुश्किल है और 1966 तक भारतीय रुपये की वैल्यू डॉलर नहीं, बल्क‍ि ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले आंकी जाती थी। 1966 में डिवैल्युवेशन के बाद रुपया 1 डॉलर के मुकाबले 7.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था। 1947 में भारतीय 88.62 रुपये में 10 ग्राम सोना खरीद सकते थे, अब इसके लिए करीब 30 हजार रुपए खर्च करना पड़ सकता है।

जनसंख्या
भारत के बदलाव में जनसंख्या अहम हिस्सा है। आजादी के समय देश की कुल जनसंख्या 33 करोड़ आंकी गई थी जाे अब बढ़कर 132 करोड़ हाे गई है। दुनिया के सबसे युवा देश में शुमार भारत इसे अपनी ताकत मानता है लेकिन जनसंख्या विस्फाेट पर नियंत्रण जरूरी हाे गया है। बता दें कि जनसख्यां की द्दष्टि से भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।

राज्य
आजादी के वक्त भारत में 17 राज्य तय किए गए थे जबकि वर्तमान में ये संख्या बढ़कर 29 हाे गई है। केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 7 हैं। तेलंगाना के रूप में 2 जून 2014 को भारत का अंतिम नया राज्य बना जाे आंध्र प्रदेश का हिस्सा था।

शिक्षा
भारत ने आजादी के बाद से शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी तरक्की की है। देश के अधिकतर बच्चे स्कूल जाते हैं और शिक्षा ग्रहण करते हैं। बताते चले कि 1947 के 25 विश्वविद्यालयों वाले भारत में आज 800 से अधिक विश्वविद्यालय हैं।

भेदभाव
1947 के समय लोगों में जाति, छूआछूत, भेदभाव अधिक होता था, लेकिन वर्तमान में इसमें काफी सुधार हुआ है। देश में कुछ ही मामले इससे संबंधित घटित हाे रहे हैं।

कानून
आजादी के बाद देश में कानून तो था, लेकिन लोग उसकी तरफ जागरूक नहीं थे। जिस वजह से उन्हें कई बार परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था, लेकिन आज के भारत में लोग ला एंड आर्डर को जान भी रहे हैं बल्कि उसका उपयाेग भी कर रहे हैं।

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