अब महज 24 घंटे में फटाफट पोर्ट करा सकेंगे मोबाइल नंबर, नहीं लगेगा हफ्ते भर का समय

अब आप अपना मोबाइल नंबर फटाफट पोर्ट करा पाएंगे। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई नंबर पोर्टेबिलिटी के नए नियम जारी करने जा रहा है। इसके बाद महज 24 घंटे के अंदर आप अपना मोबाइल नंबर पोर्ट करा सकेंगे। अभी पोस्ट-पेड मोबाइल यूजर्स को नंबर पोर्टिंग में 8 से 10 दिन का वक्त लगता है।

जी हां- आप भी सुनकर चौंक गए ना लेकिन अगले हफ्टे ही ट्राई पोर्टेबिलिटी पर नए नियम ला रही है। यानी अगर आप मौजूदा मोबाइल कंपनी की सेवाएं नहीं चाहते तो दूसरी कंपनी की सेवाएं ले सकते हैं। मोबाइल नंबर वही रहेगा। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन ने कहा कि संस्था एमएनपी की पूरी प्रक्रिया को बदलना और उसे ग्राहकों के लिए तेज और आसान बनाना चाहती है।

फिलहाल भारत में नंबर पोर्ट करने में 7 दिन लगते हैं, जबकि दुनियाभर में नंबर पोर्ट करने की प्रक्रिया कुछ घंटों में ही पूरी हो जाती है। ट्राई की योजना इस प्रक्रिया को और प्रभावशाली बनाने की है। ट्राई इस बात को भी सुनिश्चित करना चाहता है कि पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया के दौरान कोड के लेकर होने वाली समस्या का भी समाधान हो सके।

हर महीने करीब 70 लाख लोग पोर्टिंग करते हैं। हालांकि आपरेटर्स कई कारणों से पोर्टिंग को रिजेक्ट कर देते हैं। अधिकतर मांग बैलेंस और गलत पोर्टिंग कोड के चलते खारिज होती है। ग्राहकों ने ट्राई से इस बारे में शिकायत भी की थी। इससे पहले ट्राई ने मोबाइल नंबर पोर्टबिलिटी (एमएनपी) के लिए लगने वाले शुल्क को कम करने की बात कही थी। ट्राई इस शुल्क को चार रुपए पर लाने के लिए चर्चा कर रहा था। फिलहाल मोबाइल नंबर पोर्ट कराने का अधिकतम शुल्क 19 रुपए निर्धारित है।

ट्राई ने 31 जनवरी तक नंबर पोर्टेबिलिटी की संख्‍या घटाकर इसे 79 प्रतिशत कर दिया था। अब ग्राहकों को इस सेवा के लिए 19 रुपए चुकाना होंगे। अधिकतम चार्ज 4 रुपए था। मोबाइल नंबर पोर्ट कराना एक सिस्‍टम है जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर दूसरी कंपनी की सेवाएं ले सकता है। सरकार का यह निर्णय ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर बनकर आया है। अब नेट न्‍यूट्रीलिटी को लेकर मन में कोई संशय नहीं रहेगा।

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