7 में से पांच मेयर पद जीते, 2 पर कांग्रेस का कब्जा : उत्तराखंड निकाय चुनाव

उत्तराखंड के नगर निकाय चुनाव (uttarakhand nikay chunav) में भाजपा (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने सात में पांच नगर निगमों में मेयर (Mayor) पद पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस ने निगमों के मेयर पर सफलता हासिल की है। नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों पर भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 नगरों में सफलता हासिल की। वहीं, कांग्रेस को सिर्फ सात और निर्दलियों को 12 जगह सफलता मिली है। अलबत्ता नगर पालिकाओं में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। कांग्रेस 14 पालिकाओं में अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने में कामयाब रही। भाजपा को 13 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 11 नगर पालिकाओं में कामयाबी मिली है।

उत्तराखंड की सात मेयर सीटों के नतीजे

देहरादून नगर निगम
-देहरादून में मेयर प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा 35632 वोट से जीते

हरिद्वार नगर निगम
हरिद्वार में नगर निगम मेयर पद पर कांग्रेस की अनीता शर्मा जीती। अनीता शर्मा ने बीजेपी की अन्नू कक्कड को करीब 8000 वोटों से हराया।

हल्द्वानी नगर निगम
हल्द्वानी में मेयर पद बीजेपी के जोगेंद्र रौतेला ने दस हजार 854 वोटों से जीता। उन्होंने कांग्रेस के सुमित ह्दयेश को हराया।

कोटद्वार नगर निगम
कोटद्वार नगर निगम में मेयर पद कांग्रेस की हेमलता नेगी ने जीती। उन्होंने निर्दलीय विभा चौहान को एक हजार 568 वोटों से हाराया

ऋषिकेश नगर निगम
ऋषिकेश नगर निगम में भाजपा से मेयर प्रत्याशी अनिता ममगाईं 11000 वोटों से जीती निर्दलीय प्रत्याशी विना दीप शर्मा को हराया कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।

रुद्रपुर नगर निगम
रुद्रपुर में मेयर पद पर भारतीय जनता पार्टी के रामपाल लगभग 4500 वोटों से चुनाव जीते।

काशीपुर नगर निगम
काशीपुर में मेयर पद पर बीजेपी उम्मीदवार ऊषा चौधरी पांच हजार 472 वोटों से जीती।

नगर पालिका (Municipality) और नगर पंचायत (Nagar Panchayat) के अध्यक्ष पद पर भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक निकायों में सफलता हासिल की है। जबकि वार्ड सदस्यों के पदों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा और कांग्रेस करारी हार का स्वाद चखा दिया। अब तक घोषित सभासदों के नतीजों में दोनों दल मिलकर भी निर्दलीयों के बराबर सीटें नहीं ला सके हैं। अब तक घोषित 67 परिणामों में से भाजपा 27 शहरी निकायों में अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। 21 निकायों में निर्दलियों ने बाजी मारी है, जबकि कांग्रेस को 19 निकायों में अध्यक्ष पद पर कामयाबी मिली है।

नगर निगमों में भाजपा को बढ़त : ऋषिकेश व रुद्रपुर नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अनिता ममगाईं और रामपाल ने जीत दर्ज कर ली थी।  जबकि कोटद्वार में कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी 1578 वोटों से विजयी रहीं। अन्य चार में नगर निगमों में मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए थे। इसमें दून, काशीपुर हल्द्वानी, हरिद्वार शामिल हैं।

सभासदों में निर्दलियों का जलवा रहा
इधर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के सभासदों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। हालांकि नगर निगमों में दलीय सभासद ज्यादा जीते हैं। खबर लिखे जाने तक सभासदों के कुल 1064 पदों में से 817 वार्डों में परिणाम घोषित हो चुका है। इसमें निर्दलीय उम्मीदवार सर्वाधिक 464 वार्डों में कामयाब हुए हैं। जबकि भाजपा के 215 और कांग्रेस के 132 सभासद निर्वाचित हुए हैं। जबकि बसपा, आप के दो-दो और यूकेडी और सपा के भी एक एक सभासद जीत चुके थे।

नगर पंचायत घनसाली में  अध्यक्ष पद पर आठ बार गिने गए वोट 

नगर पंचायत घनसाली में अध्यक्ष पद पर हुई मतगणना में तीन निर्दलीय प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने से मतगणना में लगे कर्मचारियों को आठ बार वोटों की गिनती करनी पड़ी। आठवीं बार हुई मतगणना में शंकर पाल सजवाण को 496, नागेंद्र सजवाण को 495 व साब सिंह कुमाईं को भी 495 मत मिले। इस तरह निर्दलीय शंकर पाल ने यहां एक वोट से जीत दर्ज की।

पिथौरागढ़ में कांग्रेस, चंपावत में भाजपा साफ 
कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। यहां पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला और गंगोलीहाट में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। जबकि चंपावत जिले के चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर और बनबसा में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा।

रुझान के लिए करना पड़ा इंतजार
नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से सभी निकायों में एक साथ मतगणना शुरू हुई। बैलेट पेपर से मतगणना होने के चलते शुरुआती रुझान और नतीजे जानने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। दस बजे के करीब छोटे निकायों से सबसे पहले वार्ड सदस्यों के रुझान आने शुरू हुए। इसके बाद धड़ाधड़ रुझान अंतिम परिणाम में भी बदलने लगे। रात दस बजे तक प्रदेश के 39 नगर पालिकाओं में से 33 के परिणाम घोषित हो चुके थे, जिसमें भाजपा को दस, कांग्रेस को 13 और निर्दलियों को दस शहरों में अध्यक्ष के पद पर कामयाबी हासिल हुई है। इसी तरह 38 नगर पंचायतों में से 36 के परिणाम जारी हो पाए हैं, जिसमें से भाजपा सर्वाधिक 18 नगर पंचायतों में अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। कांग्रेस छह और निर्दलीय प्रत्याशी 12 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

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