आईये जाने एक अद्भुत गुमनाम महल की कहानी……

नई जगहों के बारे जानने और वहाँ पर घूमने जाने का क्रेज दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है | आज-कल तो ग्रुप बनाकर बाइक या कार से जाने का चलन चल रहा है |इसी सिलसिले में आज हम लाये हैं आपके लिए एक ऐसी रहस्यमयी महल की कहानी जिसके बारे में जानकर आप वहाँ जरूर जाना चाहेंगे |

इंदौर से २० km दूर सिमरोल जिले में इंदौर के महाराज शिवाजी राव होलकर द्वारा बनवाया गया कजलीगढ़ महल  रहस्य और रोमांच से भरपूर जगह है। यहाँ तक पहुंचने का सारा रास्ता पक्का और खूबसुरत बना हुआ है, यहाँ के हरे-भरे खेत और खलियान मन मोह लेते है। इन मैदानों के सबसे अंतिम छोर पर दोनों और खाइयों से घिरा कजलीगढ़ का किला नजर आता है, ये किला आज भी अपनी आन-बान-शान से सीना ताने खड़ा है। 

सीधे हाथ की तरफ एक दरगाह भी है, जहां हर साल उर्स भी होता है। एक ओर किला, दूसरी ओर शिव मंदिर और यहीं बहता झरना सुखद लगता है। रहस्य से भरपूर यह जगह शिकारगाह के लिए मशहूर है।

इंदौर के महाराज शिवाजी राव होलकर द्वारा बनवाई गई शिकारगाह है, कजलीगढ़ रहस्य और रोमांच से भरपूर जगह है।इस जगह से जुडी हुई बहुत सारी कहानिया प्रचलित है|  यदि कोई पर्यटक यहां आ जाता है तो उसे इस किले मे घुसते ही विशाल दरवाजे के ठीक पास साधु-संतों का डेरा दिखाई पड़ता है। यदि आप भी रोमांच के दीवाने है तो एक बार इस जगह पर जाना तो बनता है 

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