जानें भारत में वो कौन सा गांव है जहाँ किराये पर मिलती हैं पत्नियाँ ?

जयपुर, हमारे देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर काफी प्रयास किए जा रहे है। लगातार इस मुद्दे पर सरकार व अन्य संगठनों की और से प्रचार प्रसार किए जाते है। जिसमें महिलाओं के अधिकारों की बात की जाती है। लेकिन कई सारे ऐसे मामले सामने आते है जिसे सुनने के बाद लगता है कि हमारे देश मे अभी भी सौ साल पुराने समय जैसे हालात है। आज भी हमारे देश मे ऐसा स्थान है जहां पर महिला सशक्तिकरण की बात झूठी लगती है। मध्य प्रेदश में शिवपुरी नाम का एक गांव है जहां पर आज भी महिलाओं की हालत एक दासी के समान है।

जहां पर महिलाओं को सिर्फ भोग की वस्तु समझा जाता है। यहां के हालात जानने पर अपने आप से एक अजीब सी घृणा होनें लगती है। ऐसे लगता है कहां है, वह कानून जो महिला सशक्तिकरण की बात करता है। इस गांव में महिलाओं को किराए पर दिया जाता है। वहीं कई सारे लोग है जो दूसरे की पत्नी को किराए पर लेते है। और जब तक मर्जी रखने के बाद वापस दे जाते है। कुछ गरीब तबके के लोग है जो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी पत्नियों को अमीर लोगों को किराए पर देते है। वह भी महज हजार रूपए में ।

भारत के प्रमुख अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों के पत्नी नहीं है । वह लोग अपनी जरूरत पूरी करने के लिए 10 रूपये के स्टैम्प पेपर पर इकरारनामा तैयार करके पत्नी किराए पर ले सकता है। वहीं अगर इसकी समय सीमा समाप्त हो जाए तो फिर से इसका नवीनीकरण किया जा सकता है।

रिपोर्टं के अनुसार अकेली शिवपुरी मे ही ऐसा नहीं होता है। कई जगहों पर ऐसा पाया जाता है। जो महिलाओं के लिए नरक के समान होता है। वहीं साल 2006 में गुजरात में भी एक ऐसा मामला समाने आया था जिसमें महज 8000 रूपये महिने में एक आदमी ने अपनी पत्नी को किराए पर दे दिया था। किराए पर लने वाला एक व्यापारी था। हालांकि मामला सामने आने के बाद महिला को व्यापारी से छुड़ा दिया गया था।। पर इस तरह के मामले सामने आने पर लगता है आज भी हमारे देश में लोगों की मानसिकता नहीं बदली है।

Facebook Comments