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जी हां! थाइराइड होने से 50 दिन पहले शरीर देता है 7 तरह के संकेत..इन्हें पहचानें वरना बाद में पछताएंगे

आज हम आपको थायराइड बीमारी होने के कारण, इसके लक्षण और उपचार के बारे में बताएँगे। थायराइड गले की ग्रंथि है जिसके बढ़ने से यह खतरनाक बीमारी का रूप ले लेती है। इस ग्रंथि में थयोक्सिन हार्मोन बनता है अगर इस हार्मोन में असंतुलन हो जाए तो यह रोग बन जाता है। यह हमारे शरीर की मेटाबोलिक प्रोसेस को कण्ट्रोल करने में मदद करता है।

यह पाचन क्रिया को तेजी और खाने को जल्दी हजम करने में सहायक है। थायरॉइड में हार्मोन का बनके बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं थाइरोइड होने के प्रमुख लक्षण और इलाज क्या हैं। थायराइड बीमारी के लक्षण और इलाज : थायराइड रोग 2 तरह का होता है, हाइपरथाइरॉइड और हाइपो-थायराइड। जब थाइरोइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन पैदा करती है और हमारी पाचन क्रिया बढ़ जाती है जिससे वजन तेजी से कम होने लगता है इसे हाइपरथाइरॉइड कहते हैं। और जब थाइरोइड कम हॉर्मोन छोड़ती है तो हाइपो-थायराइड कहते हैं इसमें आपका वजन एकदम से ज्यादा बढ़ने लगता है। अगर सही समय पर आपने इनका उपचार नहीं किया तो आपको आगे इसके इलाज करने में बहुत दिक्कत आने लगेगी।

थाइरोइड होने के प्रमुख कारण : ज्यादा से ज्यादा तनाव लेना या किसी बारे में अधिक चिंता करने से यह समस्या हो सकती है। गलत दवाई या ज्यादा दवाओं के इस्तेमाल से यह बीमारी हो जाती है। गर्भावस्था के समय हार्मोन बहुत बदलते हैं उस समय यह समस्या ज्यादा होती है। वातावरण प्रदुषण से भी हमारी सांसों पर बुरा असर पड़ता है। परिवार में किसी को थाइरोइड होने पर इसका असर दूसरों पर भी होने लगता है। भोजन में कम या ज्यादा नमक का इस्तेमाल इसका कारण है।

थाइरोइड बीमारी के लक्षण जो 50 दिन पहले मिलते हैं : थाइरोइड की समस्या होने पर व्यक्ति का मन किसी भी काम पर नही लगता है और धीरे-धीरे वह डिप्रेशन में आ जाता है। व्यक्ति के सोचने और याददास्त में कमजोरी आने लगती है। हम यह आपको हाइपरथाइरॉइड और हाइपो-थायराइड दोनों के कारण, लक्षण और इलाज बताएँगे। पहले हम आपको हाइपो-थायराइड होने के कारण इसके लक्षण और उपचार बताएँगे।

हाइपो-थायराइड के लक्षण : ठण्ड का ज्यादा अनुभव होना। कब्ज की समस्या। डिप्रेशन की समस्या होना। बालों का रुखपन और झड़ना। वजन का एकदम ज्यादा बढ़ जाना। स्किन में सूखापन होना। थकावट महसूस होना। आवाज का भरी होना। चेहरे और आँखों में सूजन होना। सिर, गर्दन और जोड़ों में दर्द की समस्या होना। बच्चों में हाइपो-थायराइड के लक्षण : हाथ-पाँव का ठंडा होना। बहुत अधिक नींद का आना। चेहरे में सूजन आना। जीभ का सूझ जाना। लगातार पीलिया होना। ऊंचाई नहीं बढ़ना।

हायपो-थायराइड का इलाज : Hypothyroid के इलाज के लिए आपको synthetic thyroid hormone T4 prescribe किया जा सकता है। जो आप एक गोली के रूप में ले सकते हैं। ध्यान रहे कि इसे लेने से पहले आप डॉक्टर को बाकी चल रही दवाओं या food-supplements और diet के बारे में ज़रूर बताएं। इस बीमारी के हो जाने पर आपको समय-समय पर थायराइड हॉर्मोन लेवल जांचने के लिए खून की जांच करानी पड़ती है और मौजूदा हॉर्मोन लेवल के हिसाब से दवाएं लेनी पड़ती है।

हाइपर-थाइराइड के लक्षण : एकदम से वजन का बहुत कम होना। सोने में दिक्कत महसूस करना। मल त्यागने में परेशानी होना। अधिक पसीना आना। त्वचा का पतला होना। नाख़ून का तेजी से बढ़ना। बैलन का टूटना, पतला होना या झड़ना। दिल में एकदम से दर्द होना।

हाइपर-थायरॉइड का इलाज : हायपर-थायरॉइड का इलाज करते वक़्त आपकी उम्र, सेहत, symptoms की severity और overactive थायराइड के असल कारण को देखकर किया जाता है। डॉक्टर इस बीमारी के इलाज के लिए ये करते हैं। 1. इसमें propylthiouracil (PTU) and methimazole (Tapazole), जैसी दवाएं दी जाती हैं जो थायराइड ग्लैंड को नए हॉर्मोन पैदा करने से रोकता है। हालाँकि, इसके कुछ side effects हो सकते हैं।

2. सर्जरी द्वारा पूरा या थायराइड का कुछ हिस्सा निकाला जाना, जिसे thyroidectomy कहते हैं। इस तरीके में भी व्यक्ति को बाकी की ज़िन्दगी underactive thyroid का इलाज करना पड़ता है। 3. ह्रदय गति को कम करने के लिए बीटा-ब्लॉकर्स प्रयोग होता है। इसमें थायराइड हॉर्मोन का लेवल नहीं घटता लेकिन हार्ट-रेट सही हो जाती है।

थायराइड के घरेलू उपचार और देसी नुस्खे : 1. थायराइड बीमारी से बचाव में ताज़ी सुगंध वाली हरा धनिया पीसकर चटनी बनायें और एक गिलास पानी में उसे घोलकर पी जाएँ। इस नुस्खे को नियमित रूप से सेवन करने से थायरॉइड पर कण्ट्रोल होता है। 2. तुलसी के पत्तों को पीसकर दो चम्मच रस निकालें फिर उसमे आधा चम्मच एलोवेरा जूस मिलकर सेवन करने से इस बीमारी से छुटकारा मिलता है।

3. नियमित रूप से खाली पेट लौकी का जूस पीने से थायरॉइड बीमारी दूर होती है। इस जूस को पीने के १ घंटे तक कुछ नहीं खाएं। 4. गाजर की सब्जी या उसका जूस पीने से थायराइड में कटौती आती है। 5. रात को सोते से पहले गाय के दूध को गुनगुना करें और उसे अश्वगंधा मिलकर पियें। 6. प्याज को बीच में से काटकर दो टुकड़े करें और रात को सोने से पहले थायरॉइड ग्रंथि पर मसाज करें। और बिना प्याज के रस को धोये सो जाएँ। 7. रोजाना आधे से एक घंटा व्यायाम करें इससे थायराइड कंट्रोल में रहता है।

8. थायराइड के उपचार में आप बाबा रामदेव द्वारा बताई गई आयुर्वेदिक औषधि द्व्य कांचनार गुग्गुलु लें यह आपको किसी भी पतंजलि स्टोर में मिल जाएगी। थाइरोइड में क्या खाएं और क्या नहीं : थायरॉइड से ग्रस्ति व्यक्तियों को विटामिन A से भरपूर फल और सब्जियां कहानी चाहिए जिसमे हरी सब्जियां और गाजर प्रमुख हैं। इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए आप दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पियें। अगर नारियल पानी पिओगे तो और भी बेहतर है। थायरॉइड को जड़ से समाप्त करने के लिए आप प्राकृतिक आयोडीन का सेवन करें। इसके लिए आप लहसुन, प्याज और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ भोजन में ले सकते हैं। थाइरोइड में अंडे के बहुत फायदे हैं। आप उबले अंडे के बाहरी सफ़ेद हिस्से को खा सकते हैं। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आप सेब, अंगूर या नासपाती जैसे फलों का जूस पीएं। थायराइड की समस्या होने पर धूम्रपान करने से बचें। बाजार में उपलब्ध सफ़ेद नमक खाने से बचें।

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